Supreme Court Hearing on CBSE's Language Policy: सुप्रीम कोर्ट से CBSE की '3-लैंग्वेज पॉलिसी' पर तुरंत सुनवाई की अपील

नई दिल्ली में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की गई, जिसमें cbse के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए ती
नई दिल्ली में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में एक महत्वपूर्ण याचिका दायर की गई, जिसमें CBSE के उस नियम को चुनौती दी गई है, जिसके तहत 9वीं कक्षा के छात्रों के लिए तीन भाषाएं पढ़ना अनिवार्य किया गया है। याचिकाकर्ताओं में से एक, सीनियर वकील गोपाल शंकरनारायणन ने चीफ जस्टिस सूर्य कांत और अन्य न्यायाधीशों से अपील की कि इस मामले पर बुधवार या गुरुवार को सुनवाई की जाए, क्योंकि शैक्षणिक सत्र पहले ही आरंभ हो चुका है। वकील ने यह भी बताया कि CBSE की इस पॉलिसी को लागू करने के लिए न तो पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध हैं और न ही आवश्यक किताबें। इस पर CJI ने कहा, 'हम देखेंगे।' इससे पहले, सुप्रीम कोर्ट ने CBSE की पॉलिसी को चुनौती देने वाली दो नई याचिकाओं पर केंद्र, NCERT और CBSE से जवाब मांगा था। इन याचिकाओं को 29 जुलाई को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था। केंद्र और अन्य संस्थाओं ने इस पॉलिसी का समर्थन करते हुए कहा कि यह 'बहुभाषावाद और राष्ट्रीय एकता' को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है।
याचिकाकर्ताओं ने CBSE द्वारा लागू की जा रही तीन-भाषा नीति के खिलाफ आवाज उठाई है। एक सीनियर वकील ने आरोप लगाया कि CBSE एक गैर-कानूनी सर्कुलर लागू कर रहा है, जो 'शिक्षा का अधिकार' अधिनियम के खिलाफ है। उन्होंने यह भी कहा कि CBSE बिना किसी विकल्प के छात्रों पर भाषाएं थोप रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी से कहा था कि वे CBSE की लॉजिस्टिकल तैयारियों पर रिपोर्ट पेश करें। याचिकाकर्ता यशिका भंडारी जैन और अन्य की ओर से पेश सीनियर वकील मुकुल रोहतगी ने बताया कि CBSE ने एक सर्कुलर जारी किया है, जिसमें कहा गया है कि छात्रों को अगले शैक्षणिक सत्र से तीन भाषाएं पढ़नी होंगी।



















