Teacher Shortage in Rewari: रेवाड़ी के सरकारी स्कूलों में 800 शिक्षकों की और जरूरत

रेवाड़ी जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। लंबे समय से यह समस्या विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित कर रही है। हर साल सरक
रेवाड़ी जिले के सरकारी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी एक गंभीर समस्या बन चुकी है। लंबे समय से यह समस्या विद्यार्थियों की पढ़ाई को प्रभावित कर रही है। हर साल सरकार की ओर से ट्रांसफर ड्राइव के माध्यम से रिक्त पदों को भरने का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन वास्तविकता यह है कि ये दावे केवल कागजों तक सीमित रह जाते हैं। विद्यार्थियों को हर साल शिक्षकों के आने की उम्मीद होती है, लेकिन जब वे बिना शिक्षक के विद्यालय पहुंचते हैं, तो उनकी निराशा बढ़ जाती है। यह स्थिति निरंतर बनी हुई है। शिक्षिकाओं द्वारा मैटरनिटी लीव लेने या शिक्षकों के सेवानिवृत्त होने के कारण भी विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हो पाती, जिससे विद्यार्थियों को सालभर परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा, जिला स्तर पर शिक्षकों को डेपुटेशन पर भेजने की व्यवस्था न होने के कारण भी विद्यार्थियों को काफी दिक्कत होती है।
जिले के सरकारी विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार लगभग 800 टीजीटी और पीजीटी शिक्षकों की आवश्यकता है। वर्तमान में 2280 टीजीटी और पीजीटी शिक्षक कार्यरत हैं, लेकिन यह संख्या विद्यार्थियों की जरूरतों को पूरा करने के लिए अपर्याप्त है। इसके अलावा, 100 से अधिक विद्यालय ऐसे हैं जहां मुखिया के पद रिक्त हैं, जिनमें वरिष्ठ शिक्षकों को चार्ज दिया गया है। यह आंकड़े पिछले वर्ष दिसंबर में किए गए रेशनेलाइजेशन प्रक्रिया के दौरान सामने आए थे, जो सरकारी शिक्षा व्यवस्था की स्थिति को स्पष्ट करते हैं।



















