Exam Results Halted: यूपी में करीब एक हजार पॉलीटेक्निक छात्रों का रिजल्ट रोका गया

कानपुर से मिली जानकारी के अनुसार, प्राविधिक शिक्षा परिषद ने मई-जून 2026 की सेमेस्टर परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग के आरोप में 194 छात्रों का परीक्षा परि
कानपुर से मिली जानकारी के अनुसार, प्राविधिक शिक्षा परिषद ने मई-जून 2026 की सेमेस्टर परीक्षाओं में अनुचित साधनों के प्रयोग के आरोप में 194 छात्रों का परीक्षा परिणाम रोक दिया है। परिषद ने इन छात्रों को अपना पक्ष रखने के लिए एक माह का समय दिया है। इसके अलावा, उत्तर पुस्तिका पर मोबाइल नंबर लिखने वाले 896 छात्रों को संबंधित विषय में शून्य अंक दिए गए हैं। यह मामला ऑनलाइन मूल्यांकन के दौरान सामने आया, जिससे परिषद की परीक्षा समिति ने इस कार्रवाई को उचित ठहराया।
27 जुलाई को हुई परीक्षा समिति की बैठक में इस निर्णय पर मुहर लगाई गई। परिषद के निदेशक प्रभाकर चंद्र मिश्र ने बताया कि परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और समयबद्ध बनाने के लिए उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन कराया गया। प्रदेश के 157 राजकीय एवं अनुदानित पॉलीटेक्निक संस्थानों में उत्तर पुस्तिकाओं को स्कैन कर ऑनलाइन अपलोड किया गया, जिसके बाद परीक्षकों ने डिजिटल माध्यम से मूल्यांकन किया। इस प्रक्रिया में कई उत्तर पुस्तिकाओं पर छात्रों द्वारा मोबाइल नंबर और अन्य पहचान संबंधी जानकारी लिखे जाने की पुष्टि हुई।
परीक्षा नियमावली के अनुसार, उत्तर पुस्तिका पर किसी भी प्रकार की पहचान दर्ज करना प्रतिबंधित है। इसलिए मोबाइल नंबर लिखने वाले 896 छात्रों को संबंधित विषय में शून्य अंक देने का निर्णय लिया गया। जिन 194 छात्रों का परिणाम रोका गया है, उन्हें एक माह के भीतर परिषद के समक्ष आपत्ति एवं स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया है। इसके बाद परीक्षा समिति उनके मामले में अंतिम निर्णय लेगी। इस वर्ष 4 मई से 5 जून तक प्रदेश के 236 परीक्षा केंद्रों पर सम सेमेस्टर, वार्षिक और विशेष बैक पेपर परीक्षाएं आयोजित की गई थीं, जिसमें 2.68 लाख से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए। उत्तर पुस्तिकाओं का डिजिटल मूल्यांकन 157 केंद्रों पर कराया गया। परिषद ने डिप्लोमा इंजीनियरिंग अंतिम सेमेस्टर, फार्मेसी प्रथम एवं अंतिम वर्ष तथा विशेष बैक पेपर परीक्षा का परिणाम भी घोषित कर दिया है। डिप्लोमा इंजीनियरिंग अंतिम सेमेस्टर का उत्तीर्ण प्रतिशत 93.42 और फार्मेसी का 62.69 प्रतिशत रहा। निदेशक प्रभाकर चंद्र मिश्र ने कहा कि परीक्षा की शुचिता बनाए रखने के लिए परिषद आगे भी नियमों का कड़ाई से पालन कराएगी।



















