Why a 500 Crore Businessman Wears a Fake Rolex: 500 करोड़ के मालिक फिर भी क्यों पहनते हैं 10 हजार की नकली Rolex घड़ी

दिल्ली की एक एजुकेशन कंसल्टिंग फर्म के मालिक ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है। uability के फाउंडर रोहन धव
दिल्ली की एक एजुकेशन कंसल्टिंग फर्म के मालिक ने हाल ही में सोशल मीडिया पर एक दिलचस्प किस्सा साझा किया है, जो तेजी से वायरल हो रहा है। UAbility के फाउंडर रोहन धवन ने लिंक्डइन पर अपने अनुभव को साझा करते हुए बताया कि हाल ही में उनकी मुलाकात एक ऐसे बिजनेसमैन से हुई, जिसकी कुल संपत्ति 500 करोड़ रुपये थी। इस मुलाकात के दौरान, रोहन की नजर उस बिजनेसमैन की टू-टोन रोलेक्स डेटोना घड़ी पर पड़ी, जिसकी कीमत 25 लाख रुपये से अधिक है।
जब रोहन ने उस घड़ी की तारीफ की, तो बिजनेसमैन हंसने लगे और बताया कि यह असली रोलेक्स नहीं है, बल्कि इंस्टाग्राम से 10 हजार रुपये में खरीदी गई एक फर्स्ट कॉपी है। इस पर रोहन हैरान रह गए और बिजनेसमैन ने अपनी सोच का कारण बताया। उन्होंने कहा कि उनकी पहचान ऐसी है कि लोग यह मानते ही नहीं कि उनकी घड़ी नकली हो सकती है। यदि यह समय दिखाती है और लोग इसकी तारीफ करते हैं, तो फिर असली घड़ी पर लाखों रुपये क्यों खर्च करें?
रोहन ने अपनी पोस्ट में यह भी बताया कि वह खुद कम चीजें रखना पसंद करते हैं, लेकिन जो भी चीजें रखें, वह असली होनी चाहिए। हालांकि, इस बातचीत के बाद भी उन्हें यह समझ नहीं आया कि सही क्या है। उन्होंने पूछा कि क्या लोग लग्जरी सामान उसकी कारीगरी, इतिहास और गुणवत्ता के लिए खरीदते हैं या केवल स्टेटस दिखाने के लिए।
इस वायरल पोस्ट पर कई लोगों ने अपनी प्रतिक्रिया दी है। कुछ लोगों का कहना है कि यदि मकसद केवल प्रभाव डालना है, तो बिजनेसमैन की सोच सही हो सकती है। वहीं, घड़ियों के शौकीनों का मानना है कि असली लग्जरी घड़ी की सबसे बड़ी खासियत उसकी कारीगरी और विरासत होती है, न कि केवल लोगों की तारीफ। कई लोगों ने यह भी कहा कि यदि उन्हें चुनना हो, तो वे नकली लग्जरी घड़ी की बजाय किसी अच्छे और असली ब्रांड की घड़ी खरीदना पसंद करेंगे।



















