Viral Video: भारतीय स्टार्टअप फाउंडर उत्कर्ष नंदा का संघर्ष, 2 साल से घर नहीं लौटे

सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी कहानियां देखने को मिलती हैं, जिनमें लोग करोड़ों की फंडिंग, शानदार ऑफिस, लग्जरी कारों और बड़ी सफलता का जश्न मनाते नजर आते हैं। इन पोस्ट्
सोशल मीडिया पर अक्सर ऐसी कहानियां देखने को मिलती हैं, जिनमें लोग करोड़ों की फंडिंग, शानदार ऑफिस, लग्जरी कारों और बड़ी सफलता का जश्न मनाते नजर आते हैं। इन पोस्ट्स को देखकर ऐसा लगता है कि स्टार्टअप की दुनिया सिर्फ चमक-दमक और कामयाबी से भरी हुई है। लेकिन इस चमक के पीछे कितनी मेहनत, तनाव और अकेलापन छिपा होता है, इसकी झलक बहुत कम देखने को मिलती है। इन दिनों एक भारतीय स्टार्टअप फाउंडर का वीडियो इसी अनदेखी सच्चाई को लोगों के सामने लेकर आया है।
अमेरिका में रह रहे भारतीय टेक एंट्रेप्रेन्योर उत्कर्ष नंदा ने सोशल मीडिया पर अपनी जिंदगी का एक बेहद निजी और भावुक वीडियो साझा किया है। यह वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है और हजारों लोग इसे देखकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। किसी ने इसे स्टार्टअप की असली तस्वीर बताया, तो किसी ने इसे महत्वाकांक्षा की बड़ी कीमत कहा।
वीडियो के साथ उत्कर्ष ने एक ऐसा कैप्शन लिखा, जिसने लोगों का ध्यान सबसे ज्यादा खींचा। उन्होंने लिखा कि अब सिर्फ 10 लाख डॉलर का इन्वेस्टमेंट ही मेरी आत्मा को बचा सकता है। यह लाइन मजाक जैसी जरूर लगती है, लेकिन इसके पीछे छिपा दर्द और संघर्ष लोगों को साफ महसूस हुआ। वीडियो में दिखाई देता है कि उत्कर्ष का ज्यादातर समय एक छोटे से कमरे में गुजरता है। वहीं उनका ऑफिस है, वहीं उनका काम और वहीं उनकी पूरी दुनिया सिमटकर रह गई है। दिन हो या रात, वह लगातार लैपटॉप के सामने बैठकर कोडिंग करते और अपने स्टार्टअप को आगे बढ़ाने में जुटे रहते हैं।
सबसे भावुक करने वाली बात यह है कि स्टार्टअप को सफल बनाने की इस दौड़ में उत्कर्ष पिछले दो साल से भारत नहीं लौट पाए हैं। इस दौरान वह अपने परिवार से भी नहीं मिल सके। अपने माता-पिता से दूर रहना उनके लिए आसान नहीं रहा, लेकिन कंपनी को खड़ा करने की जिम्मेदारी ने उन्हें लगातार काम में बांधे रखा। यह हिस्सा देखकर कई लोगों ने कहा कि सफलता के पीछे अक्सर ऐसे त्याग छिपे होते हैं, जिनके बारे में कोई बात नहीं करता।



















