Gajkesari Yog 2026: गुरु-चंद्र की युति से बनेगा गजकेसरी राजयोग, धनु, तुला और कर्क राशि के लिए अवसर

वैदिक ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा को सबसे तेज गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है, जो लगभग ढाई साल तक एक राशि में रहता है। इस दौरान वह अन्य ग्रहों के साथ युति या
वैदिक ज्योतिष के अनुसार, चंद्रमा को सबसे तेज गति से चलने वाला ग्रह माना जाता है, जो लगभग ढाई साल तक एक राशि में रहता है। इस दौरान वह अन्य ग्रहों के साथ युति या संयोग करता है। चंद्रमा को मन, भावना, माता, मानसिक शांति और आंतरिक सुख-समृद्धि का कारक माना जाता है। चंद्रमा की स्थिति में बदलाव होने से विभिन्न राशियों पर प्रभाव पड़ सकता है। वर्तमान में चंद्रमा कर्क राशि में है, जहां वह गुरु बृहस्पति के साथ गजकेसरी राजयोग का निर्माण कर रहा है। इस समय सूर्य और बुध भी इसी राशि में संचरण कर रहे हैं, जिससे शशि आदित्य, गुरु आदित्य, चंद्र-बुध योग, हंस राजयोग और चतुर्ग्रही योग का निर्माण हो रहा है। ऐसे में कर्क, तुला और धनु राशि के जातकों के लिए यह एक सकारात्मक समय हो सकता है।
द्रिक पंचांग के अनुसार, 11 अगस्त 2026, मंगलवार को सुबह 04:42 बजे चंद्रमा कर्क राशि में प्रवेश करेगा, जहां पहले से गुरु बृहस्पति विराजमान हैं। इन दोनों ग्रहों की युति से गजकेसरी राजयोग का निर्माण होगा। चंद्रमा के इस राशि के लग्न भाव में प्रवेश करने से जातकों को बंपर लाभ मिलने की संभावना है। अटका हुआ पैसा वापस मिल सकता है और नौकरीपेशा जातकों के लिए यह समय बेहतर हो सकता है। नए अवसर मिलने के साथ-साथ पदोन्नति, वेतनवृद्धि या बोनस के योग बन रहे हैं। यदि आप लंबे समय से किसी अवसर की तलाश में थे, तो अब सफलता मिलने की संभावना है।


















