Fire in Jalandhar Civil Hospital: जालंधर सिविल अस्पताल के निक्कू वार्ड में लगी आग, चार नवजातों को सुरक्षित निकाला

जालंधर के शहीद बाबू लाभ सिंह सिविल अस्पताल के निक्कू वार्ड में मंगलवार सुबह लगभग 5 बजे अचानक आग लगने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के दौरान वार्
जालंधर के शहीद बाबू लाभ सिंह सिविल अस्पताल के निक्कू वार्ड में मंगलवार सुबह लगभग 5 बजे अचानक आग लगने से अस्पताल परिसर में अफरा-तफरी मच गई। इस घटना के दौरान वार्ड में भर्ती चार नवजात बच्चों और उनकी माताओं को अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों और स्टाफ ने तुरंत सुरक्षित बाहर निकाल लिया। कर्मचारियों की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई के कारण एक बड़ा हादसा होने से टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगने से पहले वार्ड में लगे एसी से धुआं निकलना शुरू हुआ, जिसके बाद अचानक आग भड़क उठी। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अत्यधिक गर्म होने के कारण एसी में शॉर्ट सर्किट हुआ, जिससे आग लगी। हालांकि, आग लगने के वास्तविक कारणों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और मामले की जांच जारी है। आग की लपटों के साथ कुछ ही देर में पूरे वार्ड में धुआं फैल गया, जिससे अस्पताल कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत वार्ड खाली कराया और सभी मरीजों को दूसरे सुरक्षित वार्डों में शिफ्ट कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। दमकल कर्मियों ने राहत एवं बचाव अभियान चलाते हुए आग पर पूरी तरह काबू पा लिया और वार्ड में फैले धुएं को बाहर निकालने का काम किया। दमकल अधिकारियों के अनुसार, एक एसी में लगी आग का असर दूसरे एसी और कमरे की बिजली की वायरिंग तक पहुंच गया, जिससे तारें पूरी तरह जल गईं। अस्पताल प्रशासन के अनुसार, इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई और सभी चारों नवजात पूरी तरह सुरक्षित हैं। हालांकि, आग की चपेट में आने से वार्ड में रखे बेड, गद्दे, बिजली के उपकरण और अन्य सामान जलकर क्षतिग्रस्त हो गए। आग की तीव्रता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वार्ड की दीवारें भी काली पड़ गईं। फिलहाल आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है। प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद ही आग की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। इस घटना ने अस्पताल प्रशासन की तत्परता और सुरक्षा उपायों की आवश्यकता को एक बार फिर से उजागर किया है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकें।



















