Breastfeeding Benefits: जन्म के पहले घंटे में स्तनपान शुरू करना शिशु के लिए फायदेमंद

जागरण संवाददाता, पटना। नवजात शिशुओं के लिए मां का दूध सबसे उपयुक्त आहार माना जाता है। जन्म के तुरंत बाद निकलने वाला पीला और गाढ़ा दूध, जिसे कोलोस्ट्रम कहा जाता
जागरण संवाददाता, पटना। नवजात शिशुओं के लिए मां का दूध सबसे उपयुक्त आहार माना जाता है। जन्म के तुरंत बाद निकलने वाला पीला और गाढ़ा दूध, जिसे कोलोस्ट्रम कहा जाता है, एंटीबॉडी से भरपूर होता है और यह शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों का मानना है कि शिशु को जन्म के बाद जल्द से जल्द स्तनपान शुरू कराना चाहिए और छह महीने तक केवल मां का दूध देना चाहिए। यह सलाह नवजात के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत आवश्यक है। पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) में सोमवार को विश्व स्तनपान दिवस के अवसर पर एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में अस्पताल के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि मां का दूध नवजात के लिए नेचुरल वैक्सीन की तरह काम करता है। उन्होंने बताया कि कोलोस्ट्रम में मौजूद एंटीबॉडी शिशु को कई संक्रमणों से बचाने में मदद करती हैं। इसलिए जन्म के बाद शुरुआती दूध को फेंकना नहीं चाहिए, क्योंकि यह शिशु के लिए अत्यंत लाभकारी होता है।
डॉ. के मंजू, जो स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग की अध्यक्ष हैं, ने भी इस विषय पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि मां का दूध शिशु की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में मदद करता है। इससे बच्चे के विकास और पोषण में भी महत्वपूर्ण योगदान मिलता है। डॉ. मंजू ने यह भी बताया कि स्तनपान कराने से मां को भी कई स्वास्थ्य लाभ मिलते हैं। इससे प्रसव के बाद शरीर को सामान्य स्थिति में लौटने में मदद मिलती है। इसके अलावा, कुछ अध्ययनों में यह पाया गया है कि स्तनपान महिलाओं में स्तन और अंडाशय के कैंसर के कम जोखिम से भी जुड़ा हुआ है। इस प्रकार, स्तनपान न केवल शिशु के लिए, बल्कि मां के लिए भी अत्यंत फायदेमंद है।



















