Eye Donation in Bihar: मृत्यु के बाद पिता ने बेटे और मां ने बेटी की आंखें की दान, रोशन होंगी 4 जिंदगियां

पटना से एक दिल को छू लेने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता और एक मां ने अपने-अपने बच्चों की आंखें दान कर मानवता की एक नई मिसाल पेश की है। जब माता-पिता अपने ब
पटना से एक दिल को छू लेने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता और एक मां ने अपने-अपने बच्चों की आंखें दान कर मानवता की एक नई मिसाल पेश की है। जब माता-पिता अपने बच्चों को खो देते हैं, तो उनका दर्द और दुःख शब्दों में नहीं कहे जा सकते। लेकिन इस कठिन समय में, उन्होंने न केवल अपने दुख को सहा बल्कि दूसरों की जिंदगी को रोशन करने का भी निर्णय लिया। पीएमसीएच में इलाज के दौरान 17 वर्षीय ईशू कुमार की मृत्यु के बाद उनके पिता सुरेश कुमार ने बेटे की आंखें दान करने का साहसिक कदम उठाया। इसी प्रकार, नालंदा की 20 वर्षीय निशा कुमारी की मां चंदा देवी ने भी अपनी बेटी की आंखें दान कर एक अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। इस दान के माध्यम से, अब चार लोगों की जिंदगी में नई रोशनी आएगी।
मंगलवार को पीएमसीएच के नेत्र विभाग में आयोजित एक सम्मान समारोह में इन सभी दानकर्ताओं को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने कहा कि नेत्रदान वास्तव में श्रेष्ठदान है। उन्होंने बताया कि मृत्यु के बाद भी किसी व्यक्ति की आंखें दो लोगों की जिंदगी में रोशनी भर सकती हैं। पीएमसीएच में 2018 से आई बैंक का संचालन हो रहा है, लेकिन जागरूकता की कमी के कारण अपेक्षित संख्या में नेत्रदान नहीं हो पा रहा है। इस कार्यक्रम में दधीचि देहदान समिति के महासचिव विमल जैन ने भी लोगों से अंगदान और नेत्रदान के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने की अपील की।



















