UP: अब PGI में एक साथ प्रत्यारोपित हो सकेंगे दो अंग

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्वेद संस्थान (पीजीआइ) में क्वाटरनरी केयर (चौथी पीढ़ी की चिकित्सा सुविधा) सेंटर के लिए एक महत्वपूर्ण बजट मंजूर किय
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। संजय गांधी स्नातकोत्तर आयुर्वेद संस्थान (पीजीआइ) में क्वाटरनरी केयर (चौथी पीढ़ी की चिकित्सा सुविधा) सेंटर के लिए एक महत्वपूर्ण बजट मंजूर किया गया है। इस बजट के तहत दो लाख रुपए की राशि का प्रावधान किया गया है, जो निर्माण कार्य और आवश्यक मशीनों की खरीद के लिए उपयोग किया जाएगा। इस सेंटर की विशेषता यह है कि यहां एक साथ दो अंगों का प्रत्यारोपण किया जा सकेगा, जो चिकित्सा क्षेत्र में एक नई उपलब्धि मानी जा रही है। यह सुविधा उच्च जोखिम वाले अंगों के प्रतिरोपण को भी संभव बनाएगी, जिससे गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों को नई जिंदगी मिल सकेगी। पीजीआइ के निदेशक प्रो. आरके धीमान ने बताया कि यह कदम देश में पहली बार उठाया जा रहा है, जिससे मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
इस सेंटर में रोबोटिक आर्म्स की मदद से शरीर के संवेदनशील हिस्सों की सूक्ष्म सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध होगी। यह तकनीक सर्जरी को और अधिक सटीक और सुरक्षित बनाएगी, जिससे मरीजों की रिकवरी प्रक्रिया में तेजी आएगी। इसके अलावा, मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी से जुड़ी दुर्लभ सर्जरी के साथ-साथ गर्भ में ही बच्चे में संभावित कैंसर का इलाज भी इस सेंटर पर किया जाएगा। यह सभी सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी, जो मरीजों के लिए एक बड़ा लाभ साबित होगा। प्रो. धीमान ने कहा कि इस सेंटर का काफी काम पूरा हो चुका है और इसे जल्द ही चालू किया जाएगा।


















