Golden Card Campaign in Uttar Pradesh: बुजुर्गों के आयुष्मान गोल्डन कार्ड अभियान की सुस्त रफ्तार

प्रयागराज में बुजुर्गों के लिए आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का ल
प्रयागराज में बुजुर्गों के लिए आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाने का अभियान चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य 70 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ पहुंचाना है। इस योजना के तहत सरकार ने 14 मई को अभियान की शुरुआत की थी, लेकिन कई जनपदों में इसका क्रियान्वयन सुस्त नजर आ रहा है। मीरजापुर जिले ने 51 प्रतिशत प्रगति के साथ इस मामले में सबसे अच्छा प्रदर्शन किया है, जबकि बाराबंकी जिले में केवल 16 प्रतिशत प्रगति हुई है। प्रयागराज में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है, जहां 90,327 बुजुर्गों के गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य रखा गया था, लेकिन अब तक केवल 20,050 कार्ड ही बनाए जा सके हैं। यह आंकड़ा लक्ष्य का महज 20 प्रतिशत है, जो कि चिंताजनक है।
प्रयागराज मंडल के अन्य जिलों में भी स्थिति कुछ बेहतर है। कौशांबी में 7,414 के लक्ष्य के मुकाबले 3,486 गोल्डन कार्ड बनाए गए हैं, जो कि 47 प्रतिशत की प्रगति दर्शाता है। वहीं, फतेहपुर में 44,955 बुजुर्गों के गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य है, जिसमें अब तक 10,506 कार्ड ही बन पाए हैं। प्रतापगढ़ में भी 88,575 बुजुर्गों के गोल्डन कार्ड बनाने का लक्ष्य है, लेकिन यहां केवल 17,374 कार्ड ही बनाए गए हैं। इन आंकड़ों से स्पष्ट है कि अभियान की गति काफी धीमी है और यदि इसे समय पर पूरा नहीं किया गया, तो कई बुजुर्गों को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ नहीं मिल पाएगा।



















