Investigation Completed in Expired Injection Case: एक्सपायरी इंजेक्शन मामले में जांच पूरी, नर्सिंग स्टाफ की ड्यूटी बदलने के निर्देश

जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज को एक्सपायरी इंजेक्शन देने के मामले में जांच पूरी हो गई है। इस जांच के दौरान यह पता चला कि एक बॉयल एक्सपायरी इंजेक्शन की थी, जिसे
जिला अस्पताल में भर्ती एक मरीज को एक्सपायरी इंजेक्शन देने के मामले में जांच पूरी हो गई है। इस जांच के दौरान यह पता चला कि एक बॉयल एक्सपायरी इंजेक्शन की थी, जिसे मरीज को दिया गया था। इस गंभीर लापरवाही के लिए मरीज को इंजेक्शन देने वाले नर्सिंग अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया गया है। इसके साथ ही, अस्पताल प्रबंधन ने सभी नर्सिंग अधिकारियों के वार्ड बदलने के निर्देश दिए हैं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो सके। यह मामला तब सामने आया जब चार अगस्त को सर्जरी वार्ड में भर्ती मरीज गौरव गोयल को एक्सपायरी इंजेक्शन दिया गया। जब यह बात खुली तो अस्पताल के अधिकारियों में हड़कंप मच गया। पीड़ित ने अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाते हुए एक वीडियो भी बनाया था, जिससे मामला और गंभीर हो गया। इस घटना के बाद प्रबंधन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दो कर्मचारियों को ड्यूटी से हटा दिया था।
बृहस्पतिवार को इस मामले की जांच पूरी होने के बाद, ड्यूटी पर तैनात नर्सिंग अधिकारी की लापरवाही को स्पष्ट रूप से सामने लाया गया है। संबंधित नर्सिंग अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा गया है और सभी नर्सिंग अधिकारियों की ड्यूटी बदलने के निर्देश दिए गए हैं। अस्पताल के अधिकारियों ने बताया कि जनवरी महीने में स्टोर से इंजेक्शन की सप्लाई वार्ड में की गई थी, जिसमें से एक बॉयल नीचे रह गया था। इसके बाद नए इंजेक्शन की आपूर्ति की गई, जिससे एक्सपायरी इंजेक्शन की जानकारी नहीं मिल पाई। यह एक गंभीर मामला है, जो न केवल अस्पताल की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाता है, बल्कि मरीजों की सुरक्षा को भी खतरे में डालता है।



















