Kanwar Yatra Security: कांवड़ यात्रा के लिए 6000 जवानों की तैनाती

हरिद्वार में श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा का आगाज हो गया है। इस वर्ष कांवड़ यात्रा में लगभग साढ़े पांच करोड़ शिवभक्तों के भाग लेने का अनुमान है। गंगा तटों प
हरिद्वार में श्रावण मास की पावन कांवड़ यात्रा का आगाज हो गया है। इस वर्ष कांवड़ यात्रा में लगभग साढ़े पांच करोड़ शिवभक्तों के भाग लेने का अनुमान है। गंगा तटों पर जल लेकर अपने गंतव्यों की ओर लौटने वाले कांवड़ यात्रियों की भीड़ उमड़ रही है। इस बार की यात्रा को सफल और सुरक्षित बनाने के लिए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। सुरक्षा के लिए छह हजार सुरक्षा कर्मियों की तैनाती की गई है। कांवड़ मेला क्षेत्र को 18 सुपर जोन, 40 जोन और 141 सेक्टरों में बांटा गया है, जिससे कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की समस्या का सामना न करना पड़े। कांवड़ यात्रियों की सुविधा के लिए क्यूआर कोड जारी किया गया है, जिससे उनकी पहचान और ट्रैकिंग में आसानी होगी।
कांवड़ यात्रा के दौरान पैदल कांवड़ की ऊंचाई 6 फीट और झांकी की ऊंचाई 10 फीट निर्धारित की गई है। प्रशासन ने लोगों के आवागमन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए देहरादून-दिल्ली एक्सप्रेस-वे को पैदल कांवड़ यात्रियों और कांवड़ वाहनों से मुक्त रखने का निर्णय लिया है। इससे यातायात में कोई रुकावट नहीं आएगी और कांवड़ यात्री आसानी से अपने गंतव्यों तक पहुंच सकेंगे। स्नान घाटों पर सुरक्षा के लिए जल पुलिस की तैनाती भी की जाएगी, ताकि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। कांवड़ यात्रियों के वाहनों की पार्किंग के लिए अलग व्यवस्था की गई है, जिससे कि यातायात सुचारू रूप से चल सके।


















