Knife embedded in chest reaches lungs: KGMU doctors save patient's life with high-risk surgery

लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रामा सेंटर ने एक बार फिर से जटिल ट्रामा मामलों में अपनी विशेषज्ञता का परिचय दिया है। हाल ही में, 57
लखनऊ स्थित किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) के ट्रामा सेंटर ने एक बार फिर से जटिल ट्रामा मामलों में अपनी विशेषज्ञता का परिचय दिया है। हाल ही में, 57 वर्षीय एक मरीज को गंभीर स्थिति में ट्रामा सेंटर लाया गया, जहां उसके सीने में एक चाकू धंस गया था, जो फेफड़ों तक पहुंच गया था। इस गंभीर स्थिति में, समय पर उपचार और विशेषज्ञ डॉक्टरों की तत्परता ने मरीज की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। चाकू के धंसने से शरीर में रक्त पहुंचाने वाली सबसे बड़ी नस, सुपीरियर वेना कावा (एसवीसी), भी क्षतिग्रस्त हो गई थी, जिससे मरीज की हालत और भी गंभीर हो गई थी। डॉक्टरों ने इस चुनौतीपूर्ण स्थिति में सर्जरी का निर्णय लिया, जिसमें चाकू को निकालने के बजाय उसे उसी स्थिति में रखने का विकल्प चुना गया। इस प्रक्रिया के बाद मरीज की सेहत में तेजी से सुधार हो रहा है।
प्रोफेसर केके सिंह, केजीएमयू के प्रवक्ता, ने बताया कि जुलाई के पहले सप्ताह में कुशीनगर के निवासी मरीज को ट्रामा सेंटर की इमरजेंसी में लाया गया। प्रारंभिक जांच और सीटी स्कैन से पता चला कि चाकू सीने के बाईं ओर से अंदर घुसकर फेफड़ों तक पहुंच चुका था। इस स्थिति में थोड़ी सी लापरवाही भी मरीज की जान के लिए घातक साबित हो सकती थी। डॉक्टरों ने बिना समय गंवाए सर्जरी का निर्णय लिया, क्योंकि चाकू सुपीरियर वेना कावा और महाधमनी (एओर्टा) के आर्च के बेहद नजदीक था। इस हाई-रिस्क सर्जरी का नेतृत्व ट्रामा सर्जरी विभाग के डॉ. समीर मिश्र ने किया।

















