UP: पिता की गोद में बेटे की मौत, 108 एंबुलेंस नहीं आई समय पर

आजमगढ़ में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मऊ जिले के रानीपुर फतेहपुर निवासी 11 वर्षीय अंश
आजमगढ़ में एक दिल दहला देने वाली घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मऊ जिले के रानीपुर फतेहपुर निवासी 11 वर्षीय अंश को समय पर 108 एंबुलेंस न मिलने के कारण इलाज के लिए वाराणसी नहीं पहुंचाया जा सका। अंश की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी और उसके पिता अमित ने तुरंत एंबुलेंस सेवा पर कॉल किया। लेकिन हर बार उन्हें यही कहा गया कि एंबुलेंस 10 मिनट में पहुंच रही है। इस बीच, डेढ़ घंटे का समय बीत गया और अंश ने अपने पिता की गोद में ही अंतिम सांस ले ली। इस घटना ने न केवल परिवार को तोड़ दिया, बल्कि स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन सेवाओं की गंभीरता पर भी प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
अंश के पिता अमित ने बताया कि जब कोई सरकारी एंबुलेंस नहीं आई, तो उन्होंने निजी एंबुलेंस की व्यवस्था की। लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। बीएचयू पहुंचने से पहले ही अंश ने दम तोड़ दिया। इस घटना ने स्वास्थ्य विभाग की आपातकालीन सेवाओं की उपलब्धता और मेडिकल कॉलेजों में गंभीर मरीजों के लिए वेंटिलेटर जैसी सुविधाओं पर गंभीर सवाल उठाए हैं। परिजनों का आरोप है कि यदि समय पर एंबुलेंस मिल जाती, तो शायद अंश की जान बचाई जा सकती थी। अब परिवार पूरे मामले की जांच की मांग कर रहा है।


















