Health Alert: बारिश में बढ़ा लेप्टोस्पायरोसिस का खतरा, दो लोगों की हुई मौत

बारिश के मौसम में कुत्तों, बिल्लियों, चूहों और अन्य जंतुओं के मूत्र से होने वाले संक्रमण के कारण पीलिया जैसी गंभीर बीमारी फैल रही है। इस बीमारी को लेप्टोस्पायरो
बारिश के मौसम में कुत्तों, बिल्लियों, चूहों और अन्य जंतुओं के मूत्र से होने वाले संक्रमण के कारण पीलिया जैसी गंभीर बीमारी फैल रही है। इस बीमारी को लेप्टोस्पायरोसिस कहा जाता है, जो तेजी से बढ़ रही है। हाल ही में लोहामंडी क्षेत्र में इस बीमारी के दो मरीजों की मौत हो चुकी है। सीएमओ डॉ. अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि बारिश के दौरान लेप्टोस्पायरोसिस और स्क्रब टाइफस का खतरा बढ़ जाता है। यह बीमारी संक्रमित जंतुओं के मूत्र के संपर्क में आने से होती है। पिछले दो-तीन महीनों में लेप्टोस्पायरोसिस के 32 और स्क्रब टाइफस के 11 मरीज सामने आए हैं। इनमें से एक 35 वर्षीय महिला और एक 30 वर्षीय युवक की मौत की पुष्टि हुई है। जांच में इन दोनों मरीजों में लेप्टोस्पायरोसिस की पुष्टि हुई थी। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने उनके घरों में बकरी और चूहों के नमूनों की जांच की, जिसमें यह बीमारी पाई गई। दिल्ली की राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र की टीम भी इस मामले की जांच कर चुकी है।
संचारी रोग के नोडल अधिकारी डॉ. सुरेंद्र मोहन प्रजापति ने बताया कि बारिश के मौसम में स्क्रब टाइफस और लेप्टोस्पायरोसिस के बढ़ते खतरे को देखते हुए सीएचसी और जिला अस्पताल में इलाज की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा एसएन में भी जांच और इलाज की सुविधा उपलब्ध है। लेप्टोस्पायरोसिस एक कीटाणु से होने वाला संक्रमण है, जो जानवरों से इंसानों में फैलता है। इस बीमारी के लक्षणों में तेज बुखार, सिर और मांसपेशियों में दर्द, आंखों का लाल होना और पीलिया शामिल हैं। यह कीटाणु नालियों और बारिश के पानी के संपर्क में आने से फैलता है। संक्रमित पानी के संपर्क में आने से या त्वचा के घावों के माध्यम से यह बीमारी फैल सकती है। इसलिए गंदे और बारिश से भरे पानी से बचना चाहिए और खुले घावों को ढककर रखना चाहिए।



















