Centenarian English Kaur Insaan: 100 वर्षीय अंगरेज कौर इंसां ने निभाया वादा, निधन के बाद देहदान कर मानवता की मिसाल बनीं

बरनाला जिले के गांव संघेड़ा की 100 वर्षीय अंग्रेज कौर इंसां ने अपने निधन के बाद मानवता की सेवा के लिए एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। उन्होंने अपने जीवन में डेरा स
बरनाला जिले के गांव संघेड़ा की 100 वर्षीय अंग्रेज कौर इंसां ने अपने निधन के बाद मानवता की सेवा के लिए एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। उन्होंने अपने जीवन में डेरा सच्चा सौदा की शिक्षाओं का पालन करते हुए अपने पार्थिव शरीर को चिकित्सा अनुसंधान के लिए दान करने का संकल्प लिया था। बुधवार रात करीब 10 बजे उनका निधन हुआ, और इस दौरान वह 100 वर्ष की आयु में भी स्वस्थ थीं। उनके निधन के बाद उनके पुत्र हरबंस सिंह इंसां और अन्य परिवार के सदस्यों ने उनकी अंतिम इच्छा का सम्मान करते हुए उनका शरीर चिकित्सा अनुसंधान के लिए दान कर दिया। इस प्रकार, वह गांव संघेड़ा की दूसरी और ब्लाक बरनाला की 74वीं देहदाता बन गईं।
अंग्रेज कौर इंसां के अंतिम संस्कार में बड़ी संख्या में परिजन, रिश्तेदार और श्रद्धालु शामिल हुए। डेरा सच्चा सौदा के 'बेटी-बेटा एक समान' अभियान के तहत उनके बेटों के साथ बहुओं और बेटियों ने भी अर्थी को कंधा दिया। उनके पार्थिव शरीर को एंबुलेंस के माध्यम से शोध संस्थान के लिए रवाना किया गया, जहां उनका शरीर वर्ल्ड कॉलेज ऑफ मेडिकल साइंसेज एंड रिसर्च हॉस्पिटल, झज्जर (हरियाणा) को दान किया गया। इस दौरान श्रद्धालुओं ने 'माता अंग्रेज कौर इंसां अमर रहें' जैसे नारों के साथ उन्हें भावभीनी विदाई दी।



















