Weather Changes in Yamuna Nagar: बदलते मौसम ने बढ़ाई बच्चों की मुश्किलें, बुखार और दस्त के मरीज बढ़े

यमुनानगर में मौसम में हो रहे लगातार बदलावों का असर अब बच्चों के स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। जिले में कभी बारिश तो कभी तेज धूप और उमस के कारण दिन और रात
यमुनानगर में मौसम में हो रहे लगातार बदलावों का असर अब बच्चों के स्वास्थ्य पर भी देखने को मिल रहा है। जिले में कभी बारिश तो कभी तेज धूप और उमस के कारण दिन और रात के तापमान में उतार-चढ़ाव जारी है। इस मौसम के कारण बच्चों में खांसी, बुखार और दस्त के मरीजों की संख्या में तेजी से वृद्धि हो रही है। जिला नागरिक अस्पताल में बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. हरिंद्र संधू के अनुसार, अस्पताल में रोजाना 100 से 150 ओपीडी होती है, जिसमें से लगभग 40 बच्चे खांसी, बुखार और दस्त से पीड़ित होते हैं। उन्होंने बताया कि अचानक मौसम में बदलाव से बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है, जिससे वायरल संक्रमण तेजी से फैलता है। इसके साथ ही घरों में एसी, कूलर और पंखों का असंतुलित उपयोग भी बच्चों की बीमारियों का एक बड़ा कारण बन रहा है। दिन में तेज गर्मी और रात में ठंडी हवा के बीच शरीर तापमान के अनुरूप खुद को ढाल नहीं पाता, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
डॉ. संधू ने बताया कि विशेष रूप से पांच वर्ष से कम उम्र के बच्चों में यह समस्या अधिक देखी जा रही है। छोटे बच्चों की तापमान सहन करने की क्षमता वयस्कों की तुलना में कम होती है। रात के समय यदि एसी या कूलर का उपयोग किया जा रहा है और बच्चे की चादर हट जाती है, तो उन्हें जल्दी ठंड लग जाती है। इसके परिणामस्वरूप सर्दी, खांसी, वायरल बुखार और गले के संक्रमण की शिकायतें बढ़ जाती हैं। कई बच्चों में तेज बुखार के साथ कमजोरी और भूख कम लगने जैसी समस्याएं भी सामने आ रही हैं। ऐसे मामलों में शरीर में पानी की कमी होने का खतरा भी बढ़ जाता है।



















