Asaram to be released on parole: राजस्थान हाई कोर्ट ने 20 दिन की पैरोल याचिका मंजूर की

जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद 87 वर्षीय आसाराम को राजस्थान उच्च न्यायालय ने 20 दिन की पैरोल देने का निर्णय लिया है। यह निर्णय न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश
जोधपुर सेंट्रल जेल में बंद 87 वर्षीय आसाराम को राजस्थान उच्च न्यायालय ने 20 दिन की पैरोल देने का निर्णय लिया है। यह निर्णय न्यायालय के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश संजीत पुरोहित की खंडपीठ ने सुनवाई के बाद लिया। पुलिस ने आसाराम के पैरोल पर रिहा होने के बाद फरार होने की आशंका जताई थी, लेकिन न्यायालय ने इस आशंका को निराधार बताते हुए पैरोल मंजूर किया। आसाराम के वकील कालूराम भाटी और यशपाल सिंह ने याचिका के पक्ष में तर्क प्रस्तुत किए, जबकि पुलिस ने राजस्थान प्रिजनर्स ऑन पैरोल नियम -1958 के नियम 14(ए) का हवाला देते हुए आसाराम के खिलाफ अन्य राज्यों में दर्ज आपराधिक मामलों का उल्लेख किया।
उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि आसाराम पिछले 13 साल, एक माह और 24 दिन से जेल में बंद है। इस दौरान उसे पहले भी अंतरिम जमानत मिली थी, लेकिन उसके द्वारा जमानत का दुरुपयोग करने या गवाह को खतरा पहुंचाने की कोई घटना सामने नहीं आई है। न्यायालय ने आसाराम को पैरोल देने के लिए 50 हजार रुपये के व्यक्तिगत मुचलके और 25-25 हजार रुपये के दो जमानतदारों की शर्त रखी है। इस निर्णय के बाद आसाराम की रिहाई की प्रक्रिया शुरू हो गई है, जिससे उनके समर्थकों में खुशी की लहर है।
















