Police Action on Constable Sher Singh: जंतर-मंतर पर इस्तीफा लहराने वाले सिपाही शेर सिंह पर एक्शन, उत्तराखंड पुलिस ने किया सस्पेंड

जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए जनरल ज़ेड प्रोटेस्ट के दौरान अपने भाषण के कारण चर्चा में आए पुलिसकर्मी शेर सिंह पर उत्तराखंड पुलिस ने कार्रवाई की है। उन्हें बर्खास्
जंतर-मंतर पर हाल ही में हुए जनरल ज़ेड प्रोटेस्ट के दौरान अपने भाषण के कारण चर्चा में आए पुलिसकर्मी शेर सिंह पर उत्तराखंड पुलिस ने कार्रवाई की है। उन्हें बर्खास्त कर दिया गया है। पिथौरागढ़ के SHO ने यह निर्णय लिया है, जिसके पीछे गंभीर मिसकंडक्ट का आरोप है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सिपाही शेर सिंह ने अनुशासन, सत्यनिष्ठा और सेवा आचरण के मानकों का उल्लंघन किया था, जो किसी भी स्तर पर सहन नहीं किया जा सकता। यह कार्रवाई विभागीय जांच और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की गई है। शेर सिंह ने प्रोटेस्ट के दौरान स्टेज पर चढ़कर अभिजीत दिपके के समर्थन में भाषण दिया था और खुद को बागी बताते हुए पुलिस बैज उतारकर इस्तीफा देने की बात कही थी। उन्होंने कहा था कि वह आज ही पुलिस की नौकरी छोड़ रहे हैं और इसके बाद अपना इस्तीफा लहराया था। हालांकि, उत्तराखंड पुलिस ने यह भी बताया कि शेर सिंह पहले से ही सस्पेंड चल रहे थे और उन पर गैंगस्टर के साथ मिलकर उगाही का आरोप था।
इस मामले में शेर सिंह ने अपनी सफाई में कुमायूं आईजी निवेदिता कुकरेती को चुनौती दी थी। उन्होंने कहा कि उन्हें हिस्ट्रीशीटर बताने वालों की वह खुद हिस्ट्रीशीट खोलेंगे। अपने वीडियो मैसेज में शेर सिंह ने दावा किया कि उन्होंने इस्तीफा पहले ही दे दिया था, लेकिन उसे स्वीकार नहीं किया गया। उनका कहना था कि प्रशासन नहीं चाहता था कि वह अपने समाज के हक की आवाज उठाएं। उन्होंने बताया कि उन्होंने अलग-अलग गांव में 85 से अधिक भीम पाठशालाएं खोली हुई थीं। यह वीडियो पिछले हफ्ते का है, जब उन्होंने छात्रों के समर्थन में भीम आर्मी द्वारा हरिद्वार में प्रदर्शन में हिस्सा लिया था। उन्होंने कहा कि उनके पास डॉक्यूमेंट भी हैं और उन्होंने 2 अप्रैल को सस्पेंड होने की बात कही।
















