Cyber Fraud Gang Exposed: हर शहर में तैनात पेड एजेंट, ठगी के तुरंत बाद खाते खाली कर देते हैं

भोपाल में साइबर ठगी के मामलों की जांच कर रही पुलिस ने एक नए गैंग का पर्दाफाश किया है, जो ठगी के पैसे को तुरंत निकालने के लिए हर शहर में पेड एजेंटों का नेटवर्क स
भोपाल में साइबर ठगी के मामलों की जांच कर रही पुलिस ने एक नए गैंग का पर्दाफाश किया है, जो ठगी के पैसे को तुरंत निकालने के लिए हर शहर में पेड एजेंटों का नेटवर्क स्थापित कर चुका है। इन एजेंटों की भूमिका इतनी महत्वपूर्ण है कि वे या तो सैलरी पर काम कर रहे हैं या कमीशन के आधार पर। जब भी ठगी की राशि किसी खाते में आती है, ये एजेंट तुरंत एटीएम से नकदी निकालकर खाते को खाली कर देते हैं। इससे पुलिस को ठगी के पैसे को फ्रीज करने का मौका नहीं मिलता और ठग आसानी से अपने पैसे निकाल लेते हैं। यह नेटवर्क अब 'कैश आउट गैंग' के नाम से जाना जा रहा है।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पहले ठग ठगी की रकम को कई बैंक खातों में ट्रांसफर कर उसकी लेयरिंग करते थे, लेकिन अब वे हर साइबर ठगी के लिए नया बैंक खाता इस्तेमाल कर रहे हैं। इस प्रक्रिया में, ठगों ने अपने पेड एजेंटों को तीन प्रतिशत कमीशन या वेतन पर रखा है। हाल ही में, एक महिला डॉक्टर जो कि ऑनलाइन गेम खेलते समय ठगी का शिकार हुई, ने एक लाख रुपये खो दिए। यह घटना तब हुई जब ठगों ने उनके दस्तावेजों में दिए गए राजस्थान के पते का उपयोग किया। ठगों ने छत्तीसगढ़ के म्यूल खाते में पैसे जमा किए, लेकिन एटीएम से निकासी भोपाल में अपने एजेंट से करवाई।
















