Cyber Fraud Victims in India: महिलाओं और बुजुर्गों का सबसे अधिक शिकार

भारत में साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, विशेष रूप से महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच। गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 202
भारत में साइबर फ्रॉड के मामलों में तेजी से वृद्धि हो रही है, विशेष रूप से महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के बीच। गृह मंत्रालय द्वारा प्रस्तुत आंकड़ों के अनुसार, 2025 में 1,03,488 वरिष्ठ नागरिकों और 4,63,114 महिलाओं ने कुल 7,769.63 करोड़ रुपये के वित्तीय साइबर धोखाधड़ी की शिकायतें दर्ज कराई हैं। यह आंकड़ा इस बात का संकेत है कि साइबर ठगी के शिकार होने वाले वर्गों में ये दोनों समूह सबसे अधिक प्रभावित हैं। गृह मंत्रालय के केंद्रीय राज्य मंत्री बंदी संजय कुमार ने यह जानकारी राज्यसभा में एक सांसद के प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने बताया कि वरिष्ठ नागरिकों ने 4,005.12 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की शिकायतें की, जबकि महिलाओं ने 3,764.51 करोड़ रुपये की शिकायतें दर्ज कराई हैं। यह स्थिति चिंताजनक है और इसे रोकने के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है।
साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या ने सरकार को इस दिशा में गंभीरता से विचार करने के लिए मजबूर किया है। राज्य मंत्री ने बताया कि भारत के संविधान की सातवीं अनुसूची के तहत पुलिस और सार्वजनिक व्यवस्था राज्य के विषय हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि साइबर अपराध की रोकथाम और जांच का मुख्य दायित्व राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों पर है। इसके बावजूद, केंद्र सरकार ने साइबर अपराध प्रबंधन और प्रवर्तन क्षमताओं को मजबूत करने के लिए नीतिगत मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता प्रदान करने का निर्णय लिया है। इस दिशा में उठाए गए कदमों से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की क्षमताओं में सुधार होगा।
















