By-election in Datia: दतिया उपचुनाव का रण निर्णायक मोड़ पर, नरोत्तम व अवधेश समर्थकों पर टिकी निगाहें

राज्य ब्यूरो, भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार का शोर थमने के साथ ही राजनीतिक लड़ाई अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। मंगलवार शाम पांच बजे चुनाव प्रचा
राज्य ब्यूरो, भोपाल। दतिया विधानसभा उपचुनाव में चुनाव प्रचार का शोर थमने के साथ ही राजनीतिक लड़ाई अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। मंगलवार शाम पांच बजे चुनाव प्रचार समाप्त होने के बाद भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और कांग्रेस ने मतदाताओं तक सीधे पहुंचने की रणनीति अपनाते हुए घर-घर संपर्क अभियान तेज कर दिया है। यह उपचुनाव 30 जुलाई को होगा, जबकि मतगणना 3 अगस्त को की जाएगी। यह उपचुनाव कांग्रेस के पूर्व विधायक राजेंद्र भारती की सदस्यता समाप्त होने के बाद कराया जा रहा है। उन्हें बैंक एफडी धोखाधड़ी मामले में अदालत द्वारा तीन वर्ष की सजा सुनाए जाने के बाद विधानसभा सदस्यता से हटा दिया गया था।
दतिया सीट पर इस बार मुख्य मुकाबला भाजपा और कांग्रेस के बीच माना जा रहा है। भाजपा ने पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा की जगह संघ पृष्ठभूमि से जुड़े आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया है। वहीं, कांग्रेस ने पूर्व विधायक और दतिया के पूर्व राजपरिवार से जुड़े घनश्याम सिंह पर भरोसा जताया है। इसके अलावा आजाद समाज पार्टी के दामोदर यादव भी चुनाव मैदान में हैं, जिनकी उपस्थिति कुछ क्षेत्रों में मुकाबले को प्रभावित कर सकती है। प्रचार थमने के बाद अब दोनों दलों की नजर स्थानीय संगठन और प्रभावशाली नेताओं की सक्रियता पर टिक गई है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा में डॉ. नरोत्तम मिश्रा और कांग्रेस में अवधेश नायक के समर्थकों की भूमिका मतदान के दिन अहम साबित हो सकती है। यही स्थानीय समीकरण उपचुनाव के परिणाम को प्रभावित कर सकते हैं।
















