Election Upset in Datia: दतिया में चुनावी खेल का पलटा पूरा नजारा

मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में दतिया उपचुनाव के परिणाम ने राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है। यह केवल एक सीट की हार का मामला नहीं है, बल्कि भ
मध्य प्रदेश की 230 सदस्यीय विधानसभा में दतिया उपचुनाव के परिणाम ने राजनीतिक समीकरणों को पूरी तरह से बदल दिया है। यह केवल एक सीट की हार का मामला नहीं है, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के लिए यह एक प्रतिष्ठा का प्रश्न बन गया है। भाजपा ने इस चुनाव में पूर्व गृह मंत्री डॉ. नरोत्तम मिश्रा के स्थान पर आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार बनाया, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष की लहर दौड़ गई। डॉ. मिश्रा के समर्थकों ने इस निर्णय को लेकर अपनी नाराजगी व्यक्त की, जो चुनावी प्रचार के दौरान भी स्पष्ट रूप से दिखाई दी। भाजपा की इस अंदरूनी कलह ने पार्टी के चुनावी अभियान को कमजोर कर दिया। कांग्रेस ने इस अवसर का लाभ उठाते हुए अपनी चुनावी रणनीति को सफलतापूर्वक लागू किया, जिससे उन्हें दतिया में जीत हासिल हुई।
भाजपा के नरोत्तम मिश्रा ने कांग्रेस विधायक राजेंद्र भारती के खिलाफ चुनाव की तैयारी पहले ही शुरू कर दी थी, जब उन्हें न्यायालय द्वारा आर्थिक धोखाधड़ी के मामले में सजा सुनाई गई थी। इस स्थिति में, नरोत्तम ने सामाजिक बैठकों का आयोजन किया और चुनाव की घोषणा के बाद सक्रियता बढ़ा दी। हालांकि, पार्टी ने आशुतोष तिवारी को उम्मीदवार घोषित कर दिया, जिससे दतिया में चुनावी माहौल बिगड़ गया। पार्टी नेतृत्व ने चुनाव प्रचार के लिए कई वरिष्ठ नेताओं को मैदान में उतारा, लेकिन कार्यकर्ताओं की नाराजगी को दूर नहीं किया जा सका। नतीजतन, मतदान प्रतिशत में कमी आई और महिला मतदाता भी कम संख्या में घरों से बाहर निकलीं।
















