TMC leader Dilip Ram murder: सात दोषियों को उम्रकैद की सजा

कोलकाता के हुगली जिले के बैंडेल में तृणमूल कांग्रेस के नेता दिलीप राम की हत्या के मामले में बुधवार को चुंचुड़ा की तृतीय सत्र अदालत ने सात दोषियों को उम्रकैद की
कोलकाता के हुगली जिले के बैंडेल में तृणमूल कांग्रेस के नेता दिलीप राम की हत्या के मामले में बुधवार को चुंचुड़ा की तृतीय सत्र अदालत ने सात दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। न्यायाधीश कौस्तुभ मुखोपाध्याय ने मोहम्मद नसीम उर्फ गुड्डू, सद्दाम हुसैन, मंगल यादव, बैजनाथ राय उर्फ हेडेक, मोहम्मद अकबर, मोहम्मद शानू और मोहम्मद मानू को यह सजा सुनाई। सभी दोषी पहले से ही जेल में थे। यह हत्या 29 जून 2019 को हुई थी, जब दिलीप राम को बैंडेल स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर पांच पर बेहद करीब से गोली मारी गई थी। उस समय दिलीप राम रेलवे कर्मचारी थे और उनकी पत्नी ऋतु सिंह उस समय बैंडेल ग्राम पंचायत की प्रधान थीं। उनकी पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की थी और आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
सरकारी वकील शंकर गंगोपाध्याय ने बताया कि जांच अधिकारी प्रदीप दां ने 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल किया था। इस मामले में कुल 39 गवाहों के बयान दर्ज किए गए थे। अभियोजन पक्ष ने चार प्रत्यक्षदर्शियों की गवाही और शूटर के पास से बरामद हथियार से मिली गोली और दिलीप के सिर से बरामद गोली के बीच मेल को महत्वपूर्ण साक्ष्य बताया। अदालत ने इन्हीं साक्ष्यों के आधार पर सभी सातों को दोषी करार दिया। पुलिस और अदालत के सूत्रों के अनुसार, हत्या के पीछे जमीन विवाद था। दिलीप राम का समुंद्री यादव उर्फ शकुंतला देवी से विवाद चल रहा था, जिसके चलते आरोप है कि दिलीप को रास्ते से हटाने के लिए तीन लाख रुपये की सुपारी देकर हत्यारों को लगाया गया था।
















