FIR against 15 leaders including MLA Aili: वारिस पंजाब दे से जुड़े 15 नेताओं पर एफआईआर, अमृतपाल की रिहाई के लिए प्रदर्शन

चंडीगढ़ में वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। पंजाब के मुख्यमं
चंडीगढ़ में वारिस पंजाब दे संगठन के प्रमुख अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिंहों की रिहाई की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने बड़ा बवाल खड़ा कर दिया। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से मुलाकात के बाद, विधायक मनप्रीत सिंह आयली समेत 15 नेताओं के खिलाफ चंडीगढ़ पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। आरोप है कि इन नेताओं के नेतृत्व में हजारों प्रदर्शनकारियों ने गौशाला चौक पर बैरिकेड तोड़कर पुलिस पर हमला किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, मंगलवार को लगभग 2500 से 3000 प्रदर्शनकारी गौशाला चौक पर इकट्ठा हुए थे। प्रदर्शनकारियों ने अमृतपाल सिंह और अन्य बंदी सिंहों की रिहाई की मांग करते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ने का प्रयास किया। इस दौरान प्रदर्शनकारी तलवार, फरसे, कुल्हाड़ी और डंडे लेकर आए थे और सड़क पर नारेबाजी कर रहे थे। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को कई बार समझाया गया कि शहर में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 लागू है और बिना अनुमति मार्च की इजाजत नहीं है। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने का प्रयास किया। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया और वाटर कैनन का इस्तेमाल किया। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर हमला कर दिया, जिसमें 15 से अधिक पुलिसकर्मी घायल हो गए। सबसे गंभीर घटना सेक्टर-45/46 चौक पर हुई, जहां प्रदर्शनकारियों ने वाटर कैनन वाहन पर चढ़कर उसकी नोजल को क्षतिग्रस्त कर दिया और चालक एएसआई गुरजीत सिंह पर हमला किया। इस हमले में उन्हें गंभीर चोट आई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने इस मामले में विधायक मनप्रीत सिंह आयली, सतिंदरजीत सिंह गिल, काबल सिंह भुल्लर, जगदीप सिंह कंसाला, इकबाल सिंह संधू, परमजीत सिंह जोहल, पूर्व विधायक अजीब सिंह मखमेलपुर, चमकौर सिंह धुन, एडवोकेट ईमान सिंह खरा, जसविंदर सिंह ड्रॉली, इकबाल सिंह चुंडा, करनैल सिंह पंजोली, लाख सिधाना, भाना सिद्धू और लखवीर सिंह लाख को नामजद किया है। पुलिस अन्य अज्ञात प्रदर्शनकारियों की पहचान सीसीटीवी फुटेज और वीडियो रिकॉर्डिंग के आधार पर कर रही है। इस मामले में भारतीय न्याय संहिता की धारा 121(1), 132 और 223 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
















