GST Collection Issues: फरीदाबाद में सड़कें बनी तबेला, तीन मंत्रियों का शहर बेबस

फरीदाबाद शहर, जो कि हरियाणा सरकार को चार हजार करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन और 100 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स देता है, आज भी बेसहारा पशुओं की समस्या से जूझ
फरीदाबाद शहर, जो कि हरियाणा सरकार को चार हजार करोड़ रुपये का जीएसटी कलेक्शन और 100 करोड़ रुपये का प्रॉपर्टी टैक्स देता है, आज भी बेसहारा पशुओं की समस्या से जूझ रहा है। तीन मंत्रियों के इस शहर में सड़कें पूरी तरह से तबेला बन चुकी हैं, जहां हर सड़क पर चार से पांच पशु आराम से बैठते नजर आते हैं। निगम की स्वास्थ्य शाखा ने इस समस्या को हल करने के लिए 10 दिन पहले एक हेल्पलाइन नंबर जारी किया था, जिसमें लोगों से अपील की गई थी कि वे बेसहारा पशुओं की जानकारी हेल्पलाइन पर दें। लेकिन यह स्पष्ट है कि निगम की ओर से की जा रही कार्रवाई केवल दिखावे तक सीमित है। शहर की सड़कों पर घूम रहे पशुओं की संख्या निगम मुख्यालय के एक किलोमीटर के दायरे में ही अधिक है।
शहर में शहरी स्थानीय निकाय मंत्री विपुल गोयल, खाद्य आपूर्ति मंत्री राजेश नागर और केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर रहते हैं, फिर भी स्थिति में कोई सुधार नहीं हो रहा है। निगम ने पहले ही चेतावनी दी थी कि सड़क पर जिनके पशु पाए जाएंगे, उनके खिलाफ एफआइआर दर्ज की जाएगी। लेकिन एक साल बीत जाने के बाद भी थाने में कोई शिकायत नहीं दी गई। हाल ही में स्वास्थ्य शाखा के अधिकारी नितिश परवाल ने एफआइआर करवाने का दावा किया, लेकिन फिर भी कोई कार्रवाई नहीं हुई। इससे यह स्पष्ट होता है कि निगम अपनी चेतावनी को लेकर कितनी गंभीरता से काम कर रहा है।
















