Fraudulent Trading App: ग्वालियर के कारोबारी से 1.63 करोड़ की ठगी का मामला

ग्वालियर में एक कारोबारी के साथ ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1.63 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को एक्सिस बैंक से जुड़ा बताकर और सेबी
ग्वालियर में एक कारोबारी के साथ ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर 1.63 करोड़ रुपये की साइबर ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने खुद को एक्सिस बैंक से जुड़ा बताकर और सेबी के फर्जी दस्तावेज दिखाकर कारोबारी को अपने जाल में फंसाया। ठगों ने एक फर्जी ट्रेडिंग एप डाउनलोड करने के लिए कहा, जिसमें मुनाफे की वृद्धि दिखाई जाती थी। इस झांसे में आकर कारोबारी ने ठगों के बताए गए विभिन्न बैंक खातों में 1.63 करोड़ रुपये ट्रांसफर कर दिए। जब कारोबारी ने अपनी रकम वापस निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने टैक्स और अन्य शुल्क के नाम पर और पैसे मांगने शुरू कर दिए। इस घटना की जानकारी मिलने पर क्राइम ब्रांच ने एफआईआर दर्ज कर ली है।
मनीष जैन, जो कि बहोड़ापुर क्षेत्र में ऑटोमोबाइल के कारोबारी हैं, ने बताया कि उन्हें 22 अप्रैल को 'एक्सिस-डीएमए' नाम के ट्रेडिंग एप का डाउनलोड करने का लिंक मिला। इसके बाद उन्हें 'जी-2 प्राइम सर्किल' और 'एम-26 एक्सिस वीआइपी सर्किल' नाम के व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़ा गया। यहां पर प्रनव हरिदाशन और उसकी सहायक अनन्या मेहरा ने संपर्क किया। दोनों ने एक्सिस बैंक और सेबी के फर्जी लोगो और अप्रूवल लेटर दिखाकर मनीष का भरोसा जीत लिया। मनीष ने 22 अप्रैल से 20 जुलाई के बीच अपने एक्सिस बैंक खाते से ठगों के बताए गए विभिन्न बैंक खातों में एक करोड़ 86 लाख 44 हजार 900 रुपये जमा कर दिए।
इस दौरान मनीष को करीब 23 लाख रुपये की राशि मुनाफे के रूप में वापस भी भेजी गई, जिससे उनका विश्वास और बढ़ गया। लेकिन जब उन्होंने अपनी मूल राशि और मुनाफा निकालने की कोशिश की, तो ठगों ने कैपिटल गेन टैक्स, इंकम टैक्स, चार्ज और फंड ट्रांसफर टैक्स के नाम पर अतिरिक्त रकम जमा करने का दबाव बनाया। जब मनीष ने अतिरिक्त राशि देने से इन्कार किया, तो उन्हें व्हाट्सएप ग्रुप से हटा दिया गया और संपर्क बंद कर दिया गया। धोखाधड़ी का एहसास होने पर मनीष ने साइबर हेल्पलाइन और क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई। अब क्राइम ब्रांच साइबर क्राइम विंग आरोपियों के बैंक खातों को फ्रीज कराने और ट्रांजेक्शन की जांच में जुटी है।

















