CJP's U-turn: सीजेपी ने अराजकतत्वों के बचाव में पलटी मारी

नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का असली चेहरा हाल के दिनों में तेजी से उजागर हो रहा है। सीजेपी द्वारा आपराधिक पृष्ठभूमि के प्रदर्शनकारियों क
नेमिष हेमंत, नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) का असली चेहरा हाल के दिनों में तेजी से उजागर हो रहा है। सीजेपी द्वारा आपराधिक पृष्ठभूमि के प्रदर्शनकारियों के बचाव में सुप्रीम कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने का मामला गंभीरता से उठ रहा है। इस हठधर्मिता के कारण न केवल सीजेपी की नैतिकता और विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं, बल्कि इसके कारण हिरासत में लिए गए गैर आपराधिक पृष्ठभूमि के नाबालिग छात्रों का भविष्य भी संकट में पड़ गया है। सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ऐसे नाबालिग प्रदर्शनकारियों को तुरंत रिहा किया जाए और उन पर किसी प्रकार की दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाए। इसके बावजूद, सीजेपी इस आदेश को मानने के लिए तैयार नहीं है और उसने सरकार से पहले लिखित गारंटी की मांग की है। सीजेपी ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं तो वे बड़े आंदोलन की योजना बना सकते हैं।
दिल्ली पुलिस के नए आंकड़ों के अनुसार, सीजेपी के प्रदर्शन में 2,873 अपराधी शामिल हैं, जिनमें हत्या, दुष्कर्म और पाक्सो के आरोपित भी शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का मानना है कि प्रदर्शनकारियों के बीच छिपे ये अपराधी ही प्रदर्शन को हिंसक बनाने में शामिल थे। उन्होंने सुरक्षाकर्मियों पर हमले किए और सार्वजनिक संपत्तियों को नुकसान पहुंचाया। ऐसे में पुलिस ने सख्त कार्रवाई की आवश्यकता पर जोर दिया है। सीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता सौरभ दास ने 22 जुलाई को एक पत्रकार वार्ता में स्पष्ट किया था कि प्रदर्शन में भाजपा के समर्थक शामिल नहीं थे, बल्कि यह अराजकतत्व थे जो हिंसा फैला रहे थे। उन्होंने कहा था कि ऐसे उपद्रवियों के खिलाफ ठोस कार्रवाई होनी चाहिए।
















