Monsoon in Madhya Pradesh: अगले 3 दिन में भारी बारिश की संभावना, 16% वर्षा घाटा होगा भरता

मध्य प्रदेश में मानसून अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुका है। बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न गहरा अवदाब तेजी से पश्चिम की ओर बढ़ते हुए मध्य छत्तीसगढ़ तक पहुंच चुका
मध्य प्रदेश में मानसून अब एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच चुका है। बंगाल की खाड़ी से उत्पन्न गहरा अवदाब तेजी से पश्चिम की ओर बढ़ते हुए मध्य छत्तीसगढ़ तक पहुंच चुका है और अगले 24 घंटों में यह पूर्वी मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, यह प्रणाली प्रदेश में मानसून को नई ऊर्जा प्रदान करेगी और 29 जुलाई से 1 अगस्त के बीच व्यापक और कई स्थानों पर अत्यधिक वर्षा का दौर देखने को मिलेगा। वर्तमान में, प्रदेश में मानसून सामान्य से कमजोर रहा है। 1 जून से 29 जुलाई तक मध्य प्रदेश में 359.3 मिमी वर्षा हुई है, जबकि सामान्य वर्षा 428.9 मिमी होनी चाहिए थी। इस प्रकार, प्रदेश अभी भी 16 प्रतिशत वर्षा घाटे का सामना कर रहा है। हालांकि, पिछले एक सप्ताह में हुई अच्छी वर्षा ने स्थिति में सुधार के संकेत दिए हैं।
बुधवार दोपहर 11:30 बजे गहरे अवदाब का केंद्र 21.9 उत्तरी अक्षांश एवं 82.8 पूर्वी देशांतर पर मध्य छत्तीसगढ़ में स्थित था। यह मलांजखंड (मध्य प्रदेश) से लगभग 220 किलोमीटर पूर्व था और लगभग 20 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से पश्चिम की ओर बढ़ रहा था। मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले 24 घंटों में यह छत्तीसगढ़ पार कर पूर्वी मध्य प्रदेश में प्रवेश करेगा। ऐसी प्रणालियां सामान्यतः अपने दक्षिण और पश्चिमी भागों में अत्यधिक नमी लेकर आती हैं, जिसके कारण इस बार पूर्वी मध्य प्रदेश के साथ-साथ पश्चिमी मध्य प्रदेश में भी भारी से अति भारी वर्षा की संभावना बन गई है।
















