Nepal Communal Violence Impact: नेपाल में सांप्रदायिक दंगे से सीमावर्ती भारतीय बाजार ठप

नेपाल के सुनसरी में दो समुदायों के बीच शुरू हुआ विवाद अब एक गंभीर रूप ले चुका है, जिसका प्रभाव नेपाल के मधेश प्रदेश और भारत के सीमावर्ती बाजारों पर स्पष्ट रूप स
नेपाल के सुनसरी में दो समुदायों के बीच शुरू हुआ विवाद अब एक गंभीर रूप ले चुका है, जिसका प्रभाव नेपाल के मधेश प्रदेश और भारत के सीमावर्ती बाजारों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। आंदोलनकारियों और पुलिस के बीच हुई तीखी झड़पों के बाद नेपाल प्रशासन ने सिरहा और धनुषा जिले में अनिश्चितकालीन कर्फ्यू लागू कर दिया है। इस कर्फ्यू के कारण बिहार के मधुबनी जिले से सटी नेपाल की 135 किलोमीटर लंबी सीमा पर सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है, जिससे नेपाली ग्राहकों की आवाजाही पूरी तरह से रुक गई है। इस स्थिति का सबसे बड़ा असर जयनगर बाजार के व्यापारियों पर पड़ा है, जो आमतौर पर नेपाल के जनकपुर, महिनाथपुर, बैदही, सिरहा, मिरचैया और चुहरवा से भारी संख्या में ग्राहकों का स्वागत करते हैं। पिछले दो दिनों से जारी कर्फ्यू के कारण जयनगर की दुकानें सूनी पड़ी हैं और व्यापार ठप हो गया है।
जयनगर चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव अनिल बैरोलिया ने बताया कि यदि स्थिति सामान्य नहीं होती है, तो स्थानीय व्यापार को बड़ा झटका लगेगा। सामान्य दिनों में जयनगर बाजार में रोजाना 10 से 12 करोड़ रुपये का कारोबार होता है, लेकिन वर्तमान में धान रोपाई का सीजन होने के बावजूद, प्रतिदिन केवल 5 से 6 करोड़ रुपये की खरीद-बिक्री हो रही है। नेपाली खरीदारों की अनुपस्थिति के कारण जयनगर बाजार में सन्नाटा छा गया है, जिससे स्थानीय दुकानदारों के चेहरे पर चिंता की लकीरें साफ देखी जा सकती हैं। व्यापारियों का कहना है कि यदि नेपाल में यह कर्फ्यू और तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो सीमावर्ती भारतीय अर्थव्यवस्था को भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ सकता है।
















