Search Operation Continues: दूसरे दिन भी नहीं मिला नाले में डूबा दिव्यांग मासूम

आंवला। मोहल्ला खेड़ा गमाडेट के पास खुले नाले में मंगलवार शाम 4:00 बजे डूबे दिव्यांग प्रीत (7) की तलाश का कार्य अब तक जारी है। प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्
आंवला। मोहल्ला खेड़ा गमाडेट के पास खुले नाले में मंगलवार शाम 4:00 बजे डूबे दिव्यांग प्रीत (7) की तलाश का कार्य अब तक जारी है। प्रशासन, पुलिस, राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (एसडीआरएफ), पीएसी और नगर पालिका की टीमें दो जेसीबी मशीनों और 60 सफाई कर्मचारियों की मदद से मासूम की खोज में जुटी हुई हैं। घटनास्थल पर उपस्थित लोगों के अनुसार, मंगलवार शाम को डूबे प्रीत की तलाश को लेकर प्रशासन ने पूरी तत्परता दिखाई है। बुधवार को भी रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रहा, जिसमें सभी संबंधित विभाग सुबह से लेकर शाम तक सक्रिय रहे। प्रीत की खोज के लिए जेसीबी मशीनों का उपयोग किया जा रहा है और सफाई कर्मचारियों की एक बड़ी टीम भी इस कार्य में लगी हुई है। बुधवार को अब्दुल कलाम पार्क से अबादापुर, तहसील रोड स्थित पेट्रोल पंप और मोहल्ला नाला पार तक नाले में मासूम को खोजने का प्रयास किया गया। जेसीबी मशीन से पेट्रोल पंप के सामने स्थित नाले के सभी स्लैब को तोड़ा गया और नाले से गाद को बाहर निकाला गया। इसके साथ ही झाड़ियों को भी काटा गया। अब्दुल कलाम पार्क से अबादानपुर तक नाले का पानी पंप से निकालकर दोनों ओर बांध लगाकर दो किलोमीटर तक खोजबीन की गई, लेकिन प्रीत का कोई पता नहीं चला। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान नगर पालिका अध्यक्ष आबिद अली, ईओ प्रदीप गिरी, सभासद रामवीर प्रजापति आदि घटनास्थल पर मौजूद रहे। सभी टीमें लगातार कार्य कर रही हैं। अबादानपुर से पेट्रोल पंप के बीच नाले का पानी आसपास के क्षेत्र में फैल गया है। बृहस्पतिवार सुबह से फिर से तलाश की जाएगी।
दिव्यांग प्रीत के परिवार की स्थिति अत्यंत कठिन है। प्रीत का जन्म से ही दिव्यांग होना उसके परिवार के लिए एक चुनौती है। उसकी दादी ही उसका लालन-पालन करती हैं। प्रीत के पिता नंदराम की पत्नी पश्चिम बंगाल की रहने वाली हैं, जो प्रीत के जन्म के कुछ महीनों बाद परिवार को छोड़कर वापस बंगाल लौट गईं और अब तक वापस नहीं आई हैं। इस हादसे ने पूरे परिवार को मानसिक और भावनात्मक रूप से परेशान कर दिया है। प्रीत के लापता होने से उसके परिवार में चिंता का माहौल है। परिवार के सदस्यों का कहना है कि इस घटना ने उन्हें बुरी तरह प्रभावित किया है। प्रीत का लालन-पालन उसकी दादी करती हैं, जो अब अपने पोते की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं।
















