Tiger Conservation in Patna: पटना जू में चार शावकों को मिले नाम रुद्र, तेजस, पूर्णिमा और सृष्टि

पटना से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, बाघों का संरक्षण प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस संदर्भ में, वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष में बाघ
पटना से जागरण संवाददाता की रिपोर्ट के अनुसार, बाघों का संरक्षण प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने के लिए अत्यंत आवश्यक है। इस संदर्भ में, वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष में बाघों के संरक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने बताया कि आने वाले दिनों में बाघों की संख्या में वृद्धि होने की संभावना है। बुधवार को अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर पटना जू में एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें चार नवजात शावकों का नामकरण किया गया। इन शावकों के नाम रुद्र, तेजस, पूर्णिमा और सृष्टि रखा गया। इस अवसर पर मंत्री ने बताया कि वीटीआर में बाघों की संख्या 60 के पार पहुंच गई है, जो बाघ संरक्षण के लिए एक सकारात्मक संकेत है।
राज्य जैव विविधता पर्षद के अध्यक्ष भरत ज्योति ने पटना जू के बाघ संरक्षण में योगदान को सराहा। उन्होंने बताया कि पिछले 53 वर्षों में पटना जू में 53 बाघों का पालन-पोषण किया गया है, जिनमें से 36 बाघों का जन्म यहीं हुआ। यह दर्शाता है कि पटना जू ने बाघों के संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जैव विविधता के संरक्षण के साथ-साथ वन्यजीवों और उनके प्राकृतिक आवासों की सुरक्षा भी सभी की जिम्मेदारी है। जू के निदेशक हेमंत पाटिल ने कहा कि बाघ पारिस्थितिकी तंत्र की खाद्य शृंखला को संतुलित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
















