Development in Jaunpur: जौनपुर में विकास के नए पथ तेजी से बढ़ रहे हैं

डिजिटल डेस्क, जौनपुर। उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक जनपद जौनपुर, जिसे मध्यकाल में अपनी वास्तुकला, शिक्षा और संस्कृति के कारण 'शिराज-ए-हिंद' कहा जाता था, आज विकास और
डिजिटल डेस्क, जौनपुर। उत्तर प्रदेश का ऐतिहासिक जनपद जौनपुर, जिसे मध्यकाल में अपनी वास्तुकला, शिक्षा और संस्कृति के कारण 'शिराज-ए-हिंद' कहा जाता था, आज विकास और आधुनिकता के एक नए युग में प्रवेश कर रहा है। चौदहवीं शताब्दी में फिरोज शाह तुगलक द्वारा स्थापित और शर्की शासकों की राजधानी रहे इस शहर की पहचान अटाला मस्जिद, शाही किला, लाल दरवाजा और अकबर के शासनकाल में गोमती नदी पर बने ऐतिहासिक शाही पुल से रही है। ऐतिहासिक वैभव, चमेली के तेल, इत्र, बेनीराम की प्रसिद्ध इमरती और ओडीओपी (ODOP) उत्पाद दरी के लिए मशहूर यह जनपद अब केवल अपने अतीत पर गर्व नहीं कर रहा, बल्कि नए इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, मेडिकल कॉलेज और एक्सप्रेसवे कनेक्टिविटी के बल पर उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ बन रहा है।
जौनपुर की वर्षों पुरानी स्वास्थ्य समस्याओं को जड़ से समाप्त करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। जनपद में स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय का निर्माण पूरा कर आईपीडी और ओपीडी सेवाएं प्रारंभ कर दी गई हैं, जहाँ प्रतिदिन लगभग 3000 से अधिक मरीजों का इलाज किया जा रहा है। इस 500 बिस्तरों वाले अस्पताल परिसर में 100 बिस्तरों का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर यूनिट और छात्रावास भी तैयार किए गए हैं। इसके अतिरिक्त, जिला अस्पताल की कार्यप्रणाली को सुदृढ़ किया गया है, जहाँ मात्र 25 रुपये में ईसीजी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इन स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार से स्थानीय नागरिकों को अब बनारस या लखनऊ जैसे बड़े शहरों की ओर नहीं भागना पड़ता।
















