Blood for Blood: बीरू हत्याकांड में परिजनों की मांग के बाद एनकाउंटर

करनाल में बुधवार रात को भगवाड़िया गैस एजेंसी के पास बीरू वाल्मीकि की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार देर रात बदमाशों का ए
करनाल में बुधवार रात को भगवाड़िया गैस एजेंसी के पास बीरू वाल्मीकि की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गुरुवार देर रात बदमाशों का एनकाउंटर किया। इस एनकाउंटर में पुलिस और बदमाशों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें बदमाश घायल हो गए। बाद में दोनों आरोपियों को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतकों की पहचान हर्ष नीलोखेड़ी और कैथल के गांव मटरवा खेड़ी के बीरबल के रूप में हुई है। बीरू वाल्मीकि की हत्या की जिम्मेदारी एक युवक ने सोशल मीडिया पर ली थी, जिसने बताया कि इंस्टाग्राम पर बहस के कारण यह हत्या हुई। इसके अलावा, दो अन्य गैंग के बदमाशों ने भी इस हत्या की जिम्मेदारी स्वीकार की।
बीरू वाल्मीकि के परिजनों ने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग को लेकर आंबेडकर चौक पर धरना-प्रदर्शन किया। बुधवार शाम को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों ने शव लेने से इनकार कर दिया। विधायक जगमोहन आनंद और डीएसपी संदीप कुमार भी स्वजनों को मनाने में सफल नहीं हो पाए। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने मुर्दाघर के बाहर धरना दिया और सभी ने आरोपियों के एनकाउंटर की मांग की। यह मामला तब और गंभीर हो गया जब बीरू की पत्नी ने धरने पर बैठकर कहा कि उन्हें खून के बदले खून चाहिए।
बीरू वाल्मीकि की शादी केवल सात महीने पहले ममता से हुई थी। उसकी पत्नी ने कहा कि बीरू हरिद्वार जाने की बात कह रहा था, लेकिन भगवान ने उसे सच में ही ले लिया। उसने कहा कि जब तक बदमाशों का एनकाउंटर नहीं होता, वे शव नहीं उठाएंगे। इस घटना ने पूरे क्षेत्र में गहरा सदमा पहुंचाया है और लोग न्याय की मांग कर रहे हैं। बीरू की पत्नी ने अपने पति के लिए न्याय की गुहार लगाते हुए कहा कि उसके हाथों की मेहंदी अभी सूखी भी नहीं थी। यह घटना न केवल परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज के लिए एक बड़ा दुखदायी क्षण है।
















