CBI summons petitioner against Rahul Gandhi: राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला, CBI ने याचिकाकर्ता को पूछताछ के लिए बुलाया

नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जमा करने के आरोप लगाने वाले भाजप
नई दिल्ली। केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति जमा करने के आरोप लगाने वाले भाजपा के सदस्य विग्नेश शिशिर को पूछताछ के लिए बुलाया है। यह जानकारी सोमवार को सामने आई, जब शिशिर ने बताया कि उन्हें सीबीआई कार्यालय में पेश होने के लिए कहा गया है। हालांकि, उन्होंने इस मामले के बारे में कोई और जानकारी देने से इन्कार कर दिया, यह कहते हुए कि मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। इस मामले की सुनवाई इलाहाबाद हाई कोर्ट की लखनऊ पीठ में हुई थी, जहां न्यायमूर्ति आरएस चौहान और न्यायमूर्ति बीआर सिंह की पीठ ने दो घंटे तक सुनवाई की। कोर्ट ने 14 मई को अपने आदेश में कहा था कि सीबीआई ने याचिकाकर्ता की शिकायत प्राप्त कर ली है और वह आठ सप्ताह के भीतर अदालत में अपना जवाब दाखिल करेगी।
शिशिर ने अपनी आपराधिक रिट याचिका में राहुल गांधी पर आरोप लगाया है कि उन्होंने आय से अधिक संपत्ति एकत्रित की है। याचिका में इस मामले की जांच सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) से कराने का अनुरोध किया गया है। इससे पहले, न्यायमूर्ति आरएस चौहान और न्यायमूर्ति बीआर सिंह की पीठ ने कहा था कि यदि याचिकाकर्ता शिशिर की शिकायत प्राप्त होती है, तो आरोपों का कानून के अनुसार सत्यापन किया जा सकता है। इस मामले में सीबीआई और ईडी के अलावा केंद्र सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, राजस्व विभाग, वित्त मंत्रालय, कॉर्पोरेट मामलों के मंत्रालय और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय (एसएफआईओ) को भी राहुल गांधी के खिलाफ लगाए गए आरोपों पर आठ सप्ताह के भीतर अपना जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया गया था।
इस मामले की गंभीरता को देखते हुए यह स्पष्ट है कि राहुल गांधी के खिलाफ उठाए गए आरोपों की जांच में सीबीआई और ईडी की भूमिका महत्वपूर्ण होगी। राजनीतिक हलकों में इस मामले को लेकर चर्चा तेज हो गई है, और यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या राहुल गांधी अपनी सफाई में क्या तर्क प्रस्तुत करते हैं। इस मामले का राजनीतिक प्रभाव भी हो सकता है, खासकर आगामी चुनावों के मद्देनजर। राहुल गांधी ने हमेशा से अपने खिलाफ लगाए गए आरोपों को राजनीतिक प्रतिशोध के रूप में देखा है। इस मामले में आगे की सुनवाई और सीबीआई की कार्रवाई पर सभी की नजरें रहेंगी।
















