CJP Protest: घायल पुलिसकर्मियों के परिजनों की पीड़ा सामने आई

दिल्ली में हाल ही में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (cjp) द्वारा आयोजित प्रदर्शन और 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए पुलिसकर्मियों के परिवारों का दर्द अब
दिल्ली में हाल ही में 'कॉकरोच जनता पार्टी' (CJP) द्वारा आयोजित प्रदर्शन और 'संसद चलो' मार्च के दौरान हुई हिंसा में घायल हुए पुलिसकर्मियों के परिवारों का दर्द अब खुलकर सामने आया है। इस हिंसा में गंभीर रूप से घायल हुए जवानों के परिजनों ने शुक्रवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, जिसमें उन्होंने आंदोलनकारियों के उग्र रवैये और हिंसा के प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त किया। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में परिजनों ने अपनी भावनाओं को साझा किया और बताया कि किस प्रकार उनके प्रियजनों को इस हिंसा का शिकार होना पड़ा।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान परिजनों का भावुक रूप देखने को मिला। घायल पुलिसकर्मी के एक परिजन ने अपनी आपबीती सुनाते हुए कहा, "जब मेरे पिता उस दिन ड्यूटी के बाद घर लौटे, तो उनकी खाकी वर्दी खून से पूरी तरह लाल थी। उनके सिर और हाथों पर गंभीर चोटें थीं।" इस बयान ने सभी उपस्थित लोगों को झकझोर दिया। दिल्ली पुलिस के एसीपी की पत्नी अवनीत कौर ने भी अपनी आपबीती साझा की। उन्होंने उस खौफनाक दिन को याद करते हुए कहा, "20 जुलाई की रात जब मेरे पति घायल अवस्था में घर पहुंचे, तो उनकी हालत देखकर मेरी रूह कांप गई। यह दृश्य मेरे और हमारी 2 साल की बेटी के लिए बेहद दर्दनाक और ट्रॉमेटिक था। मेरी मासूम बेटी अपने पिता को उस हालत में देखकर सहम गई थी।"
अवनीत कौर ने प्रदर्शनकारियों के उग्र रवैये और पुलिस पर हुए हमले पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, "लोग यह भूल जाते हैं कि एक पुलिस अधिकारी सिर्फ एक अकेला इंसान या वर्दी नहीं होता। उसके पीछे उसका एक परिवार होता है- उसकी पत्नी, छोटे बच्चे और बूढ़े माता-पिता, जो हर पल घर पर उसके सुरक्षित लौटने का इंतजार करते हैं।" इस प्रकार, इस प्रेस कॉन्फ्रेंस ने न केवल घायल पुलिसकर्मियों के परिवारों की पीड़ा को उजागर किया, बल्कि समाज में पुलिस के प्रति सम्मान और सहानुभूति की आवश्यकता को भी रेखांकित किया।
















