Court questions police over delayed FSL report: बगहा में हाथ-पैर काटकर हुई थी हत्या, अब एफएसएल रिपोर्ट पर कोर्ट ने पुलिस को कठघरे में खड़ा किया

बगहा (पश्चिम चंपारण) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, धनहा थाना क्षेत्र में छह साल पहले हुई रीना देवी हत्याकांड में एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) रिपोर्ट को समय पर न
बगहा (पश्चिम चंपारण) से प्राप्त जानकारी के अनुसार, धनहा थाना क्षेत्र में छह साल पहले हुई रीना देवी हत्याकांड में एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) रिपोर्ट को समय पर न्यायालय में प्रस्तुत नहीं करने पर जिला एवं अपर सत्र न्यायाधीश चतुर्थ मानवेंद्र मिश्र ने पुलिस के प्रति कड़ा रुख अपनाया है। शुक्रवार को अदालत ने बगहा के पुलिस अधीक्षक को निर्देश दिया कि वे हर हाल में पांच अगस्त तक एफएसएल रिपोर्ट न्यायालय में उपलब्ध कराएं। इसके साथ ही, लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की जानकारी भी न्यायालय को दें। इस मामले में अभियोजन अधिकारी मन्नु राव ने अदालत में कहा कि मृतका रीना देवी के विसरा की एफएसएल रिपोर्ट अब तक न्यायालय में प्रस्तुत नहीं की गई है, जिससे अभियोजन पक्ष के मामले पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। उन्होंने यह भी बताया कि रिपोर्ट के अभाव में आरोपितों को लाभ मिल सकता है।
बचाव पक्ष ने अदालत में दलील दी कि यह मामला लगभग छह वर्ष पुराना है और सभी गवाहों की गवाही पूरी हो चुकी है। ऐसे में एफएसएल रिपोर्ट की प्रतीक्षा किए बिना बचाव पक्ष को अपना साक्ष्य प्रस्तुत करने का अवसर दिया जाना चाहिए। इस पर अदालत ने कहा कि यह मामला अत्यंत नृशंस हत्या का है। मृतका के दोनों हाथ और पैर काटकर अलग-अलग बोरे में भर दिए गए थे, और शव को छिपाने के उद्देश्य से जलाने का भी प्रयास किया गया था। पुलिस ने अधजली अवस्था में शव बरामद किया था, जिसकी पहचान मृतका की मां ने गले में पहनी पीतल की चाभी से की थी। अदालत ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल रिपोर्ट की अनिवार्यता पर जोर दिया।
















