Ration Dealers Concern Grows as 62,576 Kg Sugar Spoils: दुकानों में पड़ी सड़ रही 62 हजार किलो चीनी, बारिश के बीच राशन डीलर्स की बढ़ी चिंता

दिल्ली में अंत्योदय अन्न योजना के तहत मिलने वाली खुली चीनी के स्थान पर पैकेट बंद चीनी उपलब्ध कराने की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की घोषणा को लगभग सात महीने हो चुके
दिल्ली में अंत्योदय अन्न योजना के तहत मिलने वाली खुली चीनी के स्थान पर पैकेट बंद चीनी उपलब्ध कराने की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की घोषणा को लगभग सात महीने हो चुके हैं, लेकिन एएवाइ श्रेणी के राशनकार्डधारियों को न तो पैकेट बंद चीनी मिल रही है और न ही नियमित रूप से खुली चीनी। दिल्ली सरकार ने जनवरी 2026 से मार्च 2027 के बीच एएवाइ राशनकार्डधारियों को पैकेट बंद चीनी वितरित करने का निर्णय लिया था। राजधानी में लगभग 65,883 परिवार एएवाइ श्रेणी के तहत राशन कार्डधारक हैं, जिनमें से प्रत्येक को हर महीने एक किलोग्राम चीनी देने का प्रावधान है।
विभागीय सूत्रों के अनुसार, पैकेट बंद चीनी की घोषणा के बाद जनवरी से अगस्त 2026 तक खाद्य एवं आपूर्ति विभाग ने केवल एक बार चीनी का आबंटन किया। जून 2026 में करीब दो हजार राशन दुकानों के लिए 60,398 किलोग्राम चीनी आबंटित की गई थी, लेकिन दुकानों पर पैकेट बंद चीनी के बजाय खुली चीनी ही पहुंची। सात महीने में केवल एक बार चीनी पहुंचने के बाद भी ई-पास मशीन के माध्यम से इसका वितरण 15 जुलाई के बाद रोक दिया गया।
इस स्थिति के कारण, जनवरी 2026 से पहले बची चीनी और जून में आबंटित चीनी मिलाकर कुल 62,576 किलोग्राम चीनी राशन दुकानों पर पड़ी हुई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, सात महीने में एएवाइ राशनकार्डधारियों के बीच कुल 4,22,786 किलोग्राम चीनी वितरित की जानी चाहिए थी। यह पहली बार नहीं है जब ऐसा हुआ है; वर्ष 2025 में भी कई महीनों तक राशन दुकानों में चीनी उपलब्ध होने के बावजूद वितरण का आदेश जारी नहीं किया गया था।
दिल्ली सरकारी राशन डीलर्स संघ (डीएसआरडीएस) ने बताया कि जून में भी खुली चीनी ही वितरण के लिए भेजी गई थी। संघ के अनुसार, विभागीय स्तर पर वितरण के आदेश की कमी के कारण चीनी दुकानों पर पड़ी हुई है। बारिश के मौसम में चीनी के खराब होने की आशंका भी बढ़ गई है।
















