Dream of 50 Lakh Kanya Vivah Mandap Unfulfilled: जमीन चयन में पिछड़ा मुजफ्फरपुर

बाबुल दीप, मुजफ्फरपुर। राज्य सरकार द्वारा गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना का कार्यान्वयन सभी 8053 पंचायतों में किया
बाबुल दीप, मुजफ्फरपुर। राज्य सरकार द्वारा गरीब परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए मुख्यमंत्री कन्या विवाह मंडप योजना का कार्यान्वयन सभी 8053 पंचायतों में किया जा रहा है, लेकिन यह योजना अब तक लेटलतीफी का शिकार हो चुकी है। पंचायत राज विभाग के सचिव द्वारा की गई समीक्षा में यह सामने आया कि एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी केवल 1434 पंचायतों में ही भूमि का चयन किया गया है। इस प्रक्रिया में तकनीकी सहायक द्वारा 697 पंचायतों का प्राक्कलन तैयार किया गया है, जबकि 499 पंचायतों को तकनीकी स्वीकृति और 340 पंचायतों को व्यय की स्वीकृति दी गई है। धीमी प्रगति को लेकर सचिव ने नाराजगी जताई है। यह योजना वर्ष 2025 के जून में घोषित की गई थी, लेकिन प्रशासनिक अधिकारियों और कर्मचारियों की सुस्ती के कारण जमीन का चयन नहीं हो पा रहा है।
सचिव ने सभी जिलों के डीडीसी और जिला पंचायती राज पदाधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर तकनीकी सहायकों द्वारा सभी पंचायतों का प्राक्कलन तैयार करने का अल्टीमेटम दिया है। इसके साथ ही, जिला पंचायती राज पदाधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे डीएम के माध्यम से शेष भूमि का चयन शीघ्रता से कर विभाग को रिपोर्ट भेजें। मुजफ्फरपुर जिले में अब तक केवल 67 पंचायतों में ही भूमि का चयन किया गया है। जिला पंचायती राज पदाधिकारी प्रियव्रत रंजन ने विभाग को प्रस्ताव भेजा था, जिसके आधार पर विभाग ने 48 स्थानों पर निर्माण के लिए स्वीकृति प्रदान की है। इनमें से 21 पंचायतों के लिए प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है, जबकि 27 योजनाएं तकनीकी स्वीकृति के लिए लंबित हैं।
यह योजना विवाह समारोह के खर्च को कम करने और बेटियों को सामाजिक सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू की गई है। कन्या विवाह मंडपों का प्रबंधन जीविका समूहों के माध्यम से किया जाएगा, जिससे ये समूह आत्मनिर्भर बन सकें। प्रत्येक कन्या विवाह मंडप भवन के निर्माण पर 50 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। यह योजना वित्तीय वर्ष 2025-26 से 2029-2030 तक के लिए है, जिसमें स्थल चयन से लेकर भवन निर्माण, हस्तांतरण और उद्घाटन का कार्य शामिल है। इस योजना की सफलता के लिए आवश्यक है कि सभी संबंधित अधिकारी और कर्मचारी समय पर कार्य करें ताकि गरीब परिवारों की बेटियों को इस योजना का लाभ मिल सके।

















