Gen Z's movement sends message to BJP: 2024 के चुनाव में कमजोर जनादेश, मोहन भागवत की टिप्पणी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भगवत ने हाल ही में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं से बातचीत में देरी को लेकर बीजेपी सरकार की आलोचना की है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के प्रमुख मोहन भगवत ने हाल ही में जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे युवाओं से बातचीत में देरी को लेकर बीजेपी सरकार की आलोचना की है। उनका यह बयान सिर्फ एक टिप्पणी नहीं, बल्कि संघ परिवार के भीतर चल रहे छात्र आंदोलन के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। भगवत ने मुंबई में एक कार्यक्रम के दौरान कहा कि विरोध प्रदर्शन लोकतांत्रिक संवाद का एक वैध रूप है और युवा प्रदर्शनकारियों को राष्ट्र-विरोधी करार देने के खिलाफ चेतावनी दी। उन्होंने यह भी कहा कि भारत के शिक्षा प्रणाली को लेकर चिंताएं वास्तविक हैं और इन पर बातचीत की आवश्यकता है।
भगवत ने कहा, "जब कोई ऐसी घटना घटित होती है जो नहीं होनी चाहिए, तो स्पष्ट है कि कोई गलती हुई है। कमी तो रही है।" उन्होंने यह भी कहा कि यदि जेन-जी विरोध कर रही है, तो यह किसी समस्या का सामना कर रही है और उस समस्या का समाधान ढूंढना होगा। आरएसएस और बीजेपी के बीच संबंधों से परिचित लोगों का कहना है कि भागवत का यह हस्तक्षेप संघ की वैचारिक मार्गदर्शक की भूमिका के संदर्भ में महत्वपूर्ण है। अटल बिहारी वाजपेयी के समय की तुलना में, मोहन भगवत का नेतृत्व बीजेपी सरकार से सीधे टकराव से बचता है।
















