Demand for Investigation: जाति-धर्म के आधार पर बन रहे BLO

राज्य ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने हाल ही में एक गंभीर आरोप लगाया है कि बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और सुपरवाइजर की नियुक्तियां जाति और धर्म के आधार पर की जा र
राज्य ब्यूरो, लखनऊ। समाजवादी पार्टी ने हाल ही में एक गंभीर आरोप लगाया है कि बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) और सुपरवाइजर की नियुक्तियां जाति और धर्म के आधार पर की जा रही हैं। इस संदर्भ में पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा को एक ज्ञापन भेजकर इस मामले की जांच कराने की मांग की है। ज्ञापन में प्रदेश अध्यक्ष के साथ पार्टी के अन्य नेता जैसे केके श्रीवास्तव, डा. हरिश्चंद्र सिंह और राधेश्याम सिंह भी शामिल थे। उन्होंने कानपुर का उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश में मंत्री, सांसद, विधायक और भाजपा के पदाधिकारियों के दबाव में सभी विधान सभा क्षेत्रों में मतदेय स्थलों के बीएलओ और सुपरवाइजर को जाति और धर्म के आधार पर बदला जा रहा है। यह प्रक्रिया भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशों का उल्लंघन करती है, जो कि बीएलओ की विधान सभा वार सूची राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराने की बात करता है। लेकिन इस सूची को भी राजनीतिक दबाव के कारण नहीं दिया जा रहा है।
समाजवादी पार्टी के नेताओं ने आरोप लगाया है कि इस तरह की नियुक्तियां न केवल लोकतंत्र के मूल सिद्धांतों का उल्लंघन करती हैं, बल्कि यह चुनावी प्रक्रिया को भी प्रभावित कर सकती हैं। पार्टी ने यह भी कहा है कि यदि इस मामले की जांच नहीं की गई, तो यह चुनावों की निष्पक्षता पर सवाल उठाएगा। प्रदेश अध्यक्ष श्याम लाल पाल ने कहा कि यह बेहद चिंताजनक है कि चुनावी प्रक्रिया में जाति और धर्म का हस्तक्षेप हो रहा है, जो कि समाज में विभाजन पैदा कर सकता है। उन्होंने मांग की है कि बीएलओ की सूची को सार्वजनिक किया जाए और धर्म-जाति के आधार पर की गई नियुक्तियों की जांच कराई जाए।















