Jharkhand Millet Mission: मोटे अनाज की खेती पर सरकार दे रही प्रोत्साहन, किसानों को मिलेंगे 15000 तक

झारखंड सरकार ने किसानों को मोटे अनाज की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष योजना शुरू की है, जिसे मिलेट मिशन के नाम से जाना जाता है। इस योजना
झारखंड सरकार ने किसानों को मोटे अनाज की खेती के लिए प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से एक विशेष योजना शुरू की है, जिसे मिलेट मिशन के नाम से जाना जाता है। इस योजना के तहत, किसानों को प्रति एकड़ 3,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है, जिससे उन्हें मोटे अनाज की खेती करने के लिए प्रेरित किया जा सके। यह योजना राज्य के कृषि विभाग द्वारा संचालित की जा रही है और इसका मुख्य उद्देश्य किसानों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। मिलेट के अंतर्गत मुख्य रूप से रागी (मड़ुआ), ज्वार, बाजरा और मक्का की खेती की जाती है। झारखंड में रागी की खेती सबसे अधिक होती है, इसके बाद ज्वार और बाजरा का स्थान आता है। इन फसलों की खेती से न केवल किसानों की आय में वृद्धि होगी, बल्कि यह राज्य की कृषि विविधता को भी बढ़ावा देगा।
कृषि विभाग की मंत्री शिल्पी नेहा तिर्की ने कहा कि इस विशेष पंजीयन अभियान के बेहद सकारात्मक परिणाम देखने को मिले हैं। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत किसानों की संख्या में वृद्धि हुई है और अधिक से अधिक किसान इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार का उद्देश्य है कि झारखंड में मोटे अनाज की खेती को बढ़ावा देकर किसानों को आत्मनिर्भर बनाया जाए। इसके साथ ही, राज्य सरकार ने मिलेट के उत्पादों को लोकप्रिय बनाने और इसके विपणन को बढ़ावा देने के लिए रांची, देवघर और जमशेदपुर में आधुनिक मिलेट कैफे स्थापित करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी है। इन कैफे के माध्यम से किसानों के उत्पादों को सीधे उपभोक्ताओं तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर मूल्य मिल सके।
















