JPSC Merit Scam: झारखंड में छात्र आंदोलन के बीच CID का एक्शन, 5 और आरोपियों को दबोचा; अब तक 19 गिरफ्तार

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) ने बुधवार की रात को पांच और आरोपितों को गिरफ
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) मेधा घोटाला मामले की जांच कर रही अपराध अनुसंधान विभाग (सीआइडी) ने बुधवार की रात को पांच और आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों में रांची और लखनऊ पुलिस की मदद ली गई। गिरफ्तार किए गए आरोपितों में लोहरदगा के उगाकांत उरांव, रांची के रोशन केरकेट्टा, मनोज कुमार, लखनऊ के रक्षक सिंह और रांची के धर्मेंद्र कुमार शामिल हैं। इनकी गिरफ्तारी के साथ ही इस मामले में कुल गिरफ्तार आरोपितों की संख्या 19 हो गई है। इससे पहले, एक अन्य अभ्यर्थी सुमन सौरभ को भी हजारीबाग पुलिस के सहयोग से गिरफ्तार किया गया था। इस प्रकार, अब तक इस मामले में चार अभ्यर्थियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। सीआइडी ने इस मामले में छापेमारी के दौरान कई डिजिटल और अभिलेखीय साक्ष्य भी बरामद किए हैं। इन साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गिरफ्तार किए गए आरोपितों में से उगाकांत उरांव, जो लोहरदगा के कार्तिक नगर का निवासी है, 14वीं जेपीएससी की प्रारंभिक परीक्षा में धोखाधड़ी के आरोप में पकड़ा गया है। वह अभ्यर्थियों को उपलब्ध कराने के लिए एजेंट का काम करता था। वहीं, रोशन केरकेट्टा और मनोज कुमार भी इसी परीक्षा में धोखाधड़ी के आरोपित हैं। रक्षक सिंह, जो लखनऊ का निवासी है, टीडीपीएल में एकाउंटेंट के पद पर कार्यरत है और उसने भी परीक्षा में धोखाधड़ी की। धर्मेंद्र कुमार का संबंध रांची के कोतवाली थाना क्षेत्र से है। सीआइडी ने इस मामले में पहले भी कई दलालों को गिरफ्तार किया था, जो अभ्यर्थियों से संपर्क कर उनसे पैसे वसूलते थे।
















