JPSC Scam in Jharkhand: महागठबंधन के साथी हुए मुखर, CPI (ML) माले ने आयोग भंग करने की उठाई मांग

राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (jpsc) में नियुक्तियों में गड़बड़ी के मामले में महागठबंधन के दल भाकपा (माले) ने आयोग को भंग करने की मांग की है। पार्टी
राज्य ब्यूरो, रांची। झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) में नियुक्तियों में गड़बड़ी के मामले में महागठबंधन के दल भाकपा (माले) ने आयोग को भंग करने की मांग की है। पार्टी के राज्य सचिव मनोज भक्त ने सोमवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि जेपीएससी के पूर्व अध्यक्ष एल. खियांग्ते पर गंभीर आरोप लगे हैं, जिसके चलते आयोग को तत्काल भंग किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह आवश्यक है कि जेपीएससी का पुनर्गठन मानकों के आधार पर पारदर्शी तरीके से किया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की अनियमितताओं की पुनरावृत्ति न हो। भक्त ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से अपील की कि वे आंदोलनरत छात्रों और युवाओं से मिलकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए ठोस कदम उठाएं। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और स्थानीयता के आधार पर रोजगार नीति लागू करने में सरकार की विफलता स्पष्ट है।
मनोज भक्त ने यह भी कहा कि सरकार को मोदी सरकार की नई शिक्षा नीति को आंख मूंदकर लागू नहीं करना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि इससे आदिवासी, दलित, पिछड़े वर्गों और दूरदराज के छात्रों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि छात्रवृत्ति के मुद्दे पर सरकार केवल बयानबाजी कर रही है और वास्तविक कार्रवाई करने में विफल है। भक्त ने कहा कि संघीय अधिकारों के तहत राज्य सरकार को केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराने के लिए मजबूर करना चाहिए। जेपीएससी द्वितीय परीक्षा में घोटाले की जांच कर रही सीबीआई की कार्रवाई में हो रहे विलंब पर भी उन्होंने भाजपा पर निशाना साधा।
भाकपा (माले) के राज्य सचिव ने कहा कि सीबीआई की जांच में देरी के बजाय, मोदी सरकार के केंद्रीय मंत्री संजय सेठ सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं, जो कि भाजपा के अपने लोगों को बचाने की कोशिश है। भक्त ने कहा कि मोदी सरकार और भाजपा का छात्र-युवा विरोधी रवैया पूरी दुनिया ने जंतर-मंतर में देखा है। उन्होंने कहा कि यह समय है कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए और छात्रों के हितों की रक्षा करे। इस प्रकार की मांगों के साथ भाकपा (माले) ने स्पष्ट किया है कि वे शिक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए प्रतिबद्ध हैं और किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेंगे।

















