Parliament Monsoon Session: शुक्रवार को संसद की कार्यवाही एक मिनट भी नहीं चल सकी

मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को लगातार तीसरी बार संसद की कार्यवाही शुरू होते ही समाप्त हो गई। लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही 10 अगस्त, सोमवार तक के लिए
मानसून सत्र के दौरान शुक्रवार को लगातार तीसरी बार संसद की कार्यवाही शुरू होते ही समाप्त हो गई। लोकसभा और राज्यसभा दोनों की कार्यवाही 10 अगस्त, सोमवार तक के लिए स्थगित कर दी गई। यह निर्णय हंगामे के कारण लिया गया। पिछले दो वर्षों में ऐसा कोई भी शुक्रवार नहीं रहा, जब सदन की कार्यवाही सुचारू रूप से चल पाई हो। हर सत्र में शुक्रवार के दिन शुरू होते ही कार्यवाही स्थगित कर दी जाती है।
प्रेस सूचना ब्यूरो (PRSI) के अनुसार, बजट सत्र 2026 के दौरान 3 शुक्रवार को सदन की कार्यवाही होनी थी, लेकिन 6 फरवरी, 13 फरवरी और 27 फरवरी को सदन की कार्यवाही एक मिनट भी नहीं चल सकी। हंगामे के कारण कार्यवाही स्थगित कर दी गई। इसी तरह, शीतकालीन सत्र 2025 में भी 3 शुक्रवार (5 दिसंबर, 12 दिसंबर और 19 दिसंबर) को कार्यवाही नहीं चल पाई। पूरे सत्र में लोकसभा की उत्पादकता 111 प्रतिशत और राज्यसभा की 100 प्रतिशत दर्ज की गई।
पिछले साल के मानसून सत्र के दौरान भी तीनों शुक्रवार (25 जुलाई, 1 अगस्त और 8 अगस्त) को संसद की कार्यवाही नहीं चल पाई। बजट सत्र 2025 में भी ऐसा ही हुआ। 2024 के शीतकालीन सत्र में 4 शुक्रवार (29 नवंबर, 6 दिसंबर, 13 दिसंबर और 20 दिसंबर) को कार्यवाही केवल नाममात्र के लिए चली और फिर हंगामे के कारण स्थगित कर दी गई।
शुक्रवार का दिन प्रश्नकाल और शून्यकाल के अलावा निजी विधेयक के लिए आरक्षित होता है। इस दिन संसद का कोई भी सदस्य आवश्यक मुद्दों पर निजी विधेयक पेश कर सकता है। यदि विधेयक स्वीकार कर लिया जाता है, तो उस पर बहस और वोटिंग भी हो सकती है। 1970 के बाद से कोई भी निजी विधेयक पास नहीं हुआ है। अब तक संसद में केवल 14 निजी विधेयक ही पास हो पाए हैं।
















