Monsoon Session chaos continues: अमित शाह के बयान की मांग से हंगामेदार रही संसद की कार्यवाही

संसद के मानसून सत्र का चौथा सप्ताह भी हंगामेदार रहा। कार्यवाही 11 बजे शुरू होते ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुल
संसद के मानसून सत्र का चौथा सप्ताह भी हंगामेदार रहा। कार्यवाही 11 बजे शुरू होते ही कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्य दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के मुद्दे पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग को लेकर हंगामा करने लगे। आसन पर आरएसपी नेता एन के प्रेमचंद्रन थे, जिन्होंने प्रश्नकाल शुरू कराने का प्रयास किया।
जब तक हंगामा जारी रहा, प्रेमचंद्रन ने बैठक को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया। सदन की कार्यवाही फिर से शुरू होने पर विपक्षी सदस्य नारेबाजी करने लगे। इस बीच केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि सरकार छात्र आंदोलन और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि विपक्ष को गृह मंत्री के बयान को रोकने के लिए कोई बाधा नहीं डालनी चाहिए।
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा, "सरकार का प्रस्ताव स्पष्ट है कि वह छात्र आंदोलन पर चर्चा के लिए तैयार है। विपक्ष को चाहिए कि जब गृह मंत्री बोलें, तो वे ध्यान से सुनें।" उन्होंने आगे कहा कि ऐसा नहीं हो सकता कि जब सरकार चर्चा करना चाहती है, तो विपक्ष हंगामा करता है। किरेन ने कहा, "हम छात्रों के मुद्दे पर व्यापक चर्चा के लिए तैयार हैं।"
वहीं, विपक्ष के हंगामे के बीच पीठासीन सभापति संध्या राय ने आवश्यक कागजात सदन के पटल पर रखवाए। विधि एवं न्याय मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने न्यायाधिकरण सुधार विधेयक, 2026 और कोयला एवं खान मंत्री जी किशन रेड्डी ने खान एवं खनिज (विकास एवं विनियमन) संशोधन विधेयक, 2026 पेश किए। गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने केरल (नाम परिवर्तन) विधेयक, 2026 और सहकारिता राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (संशोधन) विधेयक, 2026 पेश किए।
















