Rahul Gandhi demands Amit Shah's resignation over police brutality: राहुल गांधी ने पुलिस बर्बरता को लेकर अमित शाह के इस्तीफे की मांग की
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 20 जुलाई 2026 को छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस बर्बरता के संदर्भ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मा
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने 20 जुलाई 2026 को छात्र प्रदर्शन के दौरान कथित पुलिस बर्बरता के संदर्भ में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। राहुल ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा गृह मंत्री अमित शाह इस कार्रवाई की जवाबदेही से नहीं बच सकते। उन्होंने सोमवार को द हिंदू में प्रकाशित एक लेख में कहा कि 20 जुलाई को देशभर के हजारों युवा एक निष्पक्ष शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक के लिए जवाबदेही की मांग को लेकर सड़कों पर उतरे थे। इन युवाओं में विभिन्न जातियों, वर्गों, क्षेत्रों और धर्मों के लोग शामिल थे। राहुल ने कहा कि प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने साहस, संवैधानिक चेतना और शांतिपूर्ण प्रतिरोध का परिचय दिया। उन्होंने कहा कि देश ने इन प्रदर्शनकारियों को गाते, नाचते, हंसते, एक-दूसरे का हाथ थामे और एकजुट होकर खड़े होते देखा। यह प्रतिरोध केवल उनकी अपनी पीढ़ी के दर्द की आवाज नहीं था, बल्कि उन करोड़ों भारतीयों की पीड़ा को भी दर्शा रहा था जो परेशान हैं लेकिन डर के कारण अपनी बात नहीं कह पा रहे हैं। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि सरकार ने छात्रों की आवाज को दबाने के लिए बल प्रयोग किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने युवाओं की आवाज को एक क्रूर हमले के जरिए कुचलने की कोशिश की, जिसमें आंसू गैस के गोले छोड़े गए, कील लगी लाठियों से पीटा गया और पेलेट गन से गोली चलाई गई। राहुल ने 19 वर्षीय छात्र साहिल लोचब के मामले का उल्लेख किया, जिसमें साहिल के शरीर में सैकड़ों सीसे के छर्रे धंसे हुए थे। राहुल के अनुसार, एक पेलेट उसकी आंख में लगा, जिससे उसकी आंख की रोशनी जाने की आशंका है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पुलिसकर्मियों ने लाठियां चलाकर युवा महिलाओं के साथ बर्बरता की और कई युवतियों के निजी अंगों पर चोटें आईं। नाबालिग प्रदर्शनकारियों को भी लाठियों से पीटा गया, जिससे उनकी हड्डियां टूट गईं और उनके शरीर पर चोट तथा घाव के निशान आए। राहुल ने बिहार के सीवान में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर कथित रूप से गोली चलाए जाने का भी आरोप लगाया, जिसमें अत्याधुनिक हथियारों का इस्तेमाल किया गया, जिसमें एके-47 भी शामिल था। उन्होंने सवाल उठाया कि इस अवैध और असंवैधानिक हिंसा की अनुमति किसने दी? राहुल ने कहा कि नरेंद्र मोदी सरकार अपने केंद्रीकृत नियंत्रण पर गर्व करती है। उन्होंने कहा कि चाहे मंगल मिशन हो या ओलंपिक पदक, सरकार बार-बार इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को देती है। जब हर महत्वपूर्ण काम का श्रेय प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को दिया जाता है, तो फिर छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई की जिम्मेदारी से वे कैसे बच सकते हैं? राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि अमित शाह ने न तो कोई जांच कराई और न ही इस मामले पर कोई बयान दिया। उन्होंने कहा कि विपक्ष लगातार संसद में इस मुद्दे पर चर्चा की मांग कर रहा है, लेकिन उसकी मांगों को खारिज किया जा रहा है। राहुल ने लिखा कि अमित शाह संसद में आने से इनकार कर रहे हैं और विपक्ष द्वारा चर्चा की मांग को लेकर रोजाना दिए जा रहे प्रस्तावों को तुरंत खारिज कर दिया जाता है। इस मुद्दे पर गतिरोध बना हुआ है। राहुल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधा और आरोप लगाया कि सरकार अपनी संचार व्यवस्था और कथित गोदी मीडिया के जरिए प्रदर्शनकारियों को डराने की कोशिश कर रही है। उन्होंने कहा कि युवा प्रदर्शनकारियों के खिलाफ एफआईआर और हिरासत का सिलसिला जारी है। राहुल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी को छात्रों को माफ करने के बजाय उनकी जवाबदेही की मांगों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि देशभर के युवा जाग चुके हैं। उनकी छवि नष्ट हो चुकी है और अब उसे दोबारा नहीं बनाया जा सकता। राहुल ने कहा कि विपक्ष युवाओं के साथ खड़ा है और इन अपराधों को बिना सजा के गुजरने नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि प्रदर्शनकारी अंततः उन लोगों से जवाबदेही हासिल करेंगे जिन्हें उन्होंने चुना है। राहुल गांधी ने अपने लेख को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा करते हुए सरकार और गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्र अपने भविष्य को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से सवाल पूछ रहे थे, लेकिन उनके खिलाफ पेलेट गन, कील लगी लाठियों और आंसू गैस का इस्तेमाल किया गया। जयराम रमेश ने भी अमित शाह के इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी राहुल गांधी के लेख को साझा किया। 20 जुलाई के छात्र प्रदर्शन और कथित पुलिस बर्बरता को लेकर संसद के दोनों सदनों में गतिरोध बना हुआ है। विपक्ष की मांग है कि अमित शाह इस मामले पर संसद में बयान दें और कार्रवाई की जवाबदेही तय की जाए।
















