How August 15 Became Independence Day: 15 अगस्त आज़ादी की तारीख कैसे तय हुई, जापान से क्या है कनेक्शन?

भारत को अंग्रेजी शासन से आजाद हुए 79 वर्ष होने को हैं। 15 अगस्त 1947 की तारीख केवल एक कैलेंडर की तारीख नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई ऐतिहासिक कारण हैं। द्वितीय वि
भारत को अंग्रेजी शासन से आजाद हुए 79 वर्ष होने को हैं। 15 अगस्त 1947 की तारीख केवल एक कैलेंडर की तारीख नहीं है, बल्कि इसके पीछे कई ऐतिहासिक कारण हैं। द्वितीय विश्वयुद्ध ने ब्रिटेन को कमजोर कर दिया था, जिससे भारत में स्वतंत्रता की मांग तेज हो गई थी। महात्मा गांधी, जवाहरलाल नेहरू, सरदार पटेल और अन्य नेताओं ने स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूती दी। 1942 का भारत छोड़ो आंदोलन और युद्ध के बाद की घटनाओं ने ब्रिटिश सरकार को चिंतित कर दिया था।
मार्च 1947 में लॉर्ड लुई माउंटबेटन भारत के अंतिम वायसराय बने। उन्हें ब्रिटिश सरकार ने भारत में सत्ता का हस्तांतरण कराने का कार्य सौंपा। प्रारंभ में योजना थी कि भारत को जून 1948 तक स्वतंत्रता दी जाएगी, लेकिन बढ़ते हिंदू-मुस्लिम तनाव और हिंसा के कारण माउंटबेटन ने जल्दी निर्णय लिया। 3 जून 1947 को माउंटबेटन योजना के तहत भारत और पाकिस्तान के विभाजन की घोषणा की गई। इसके बाद स्वतंत्रता की तारीख तय करनी थी।
जुलाई 1947 में भारतीय स्वतंत्रता अधिनियम पारित हुआ, जिसमें 15 अगस्त 1947 को स्वतंत्रता की तारीख निर्धारित की गई। यह तारीख माउंटबेटन ने जापान के आत्मसमर्पण की दूसरी वर्षगांठ के कारण चुनी थी। 15 अगस्त 1945 को जापान ने मित्र राष्ट्रों के सामने आत्मसमर्पण किया था। माउंटबेटन के लिए यह दिन भाग्यशाली था, लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि जापान ने भारत को आज़ाद कराया।
माउंटबेटन ने 15 अगस्त को भारत की आज़ादी के लिए चुना क्योंकि यह दिन उनके लिए महत्वपूर्ण था। बढ़ती सांप्रदायिक हिंसा और राजनीतिक दबाव ने उन्हें जल्दी निर्णय लेने के लिए मजबूर किया। लेकिन इस तेजी का दुखद परिणाम यह हुआ कि बंटवारे की सीमाएं देर से घोषित हुईं, जिससे लाखों लोग विस्थापित हो गए और हिंसा में कई लोगों की जान गई।
















