SC-ST आरक्षण में क्रीमी लेयर लागू नहीं: केंद्र का सुप्रीम कोर्ट में स्पष्ट जवाब
केंद्र सरकार ने 2 नवंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अनुसूचित जाति (sc) और अनुसूचित जनजाति (st) के लिए आरक्षण में क्रीमी लेयर की अवधारणा लागू नहीं की जा सकत
केंद्र सरकार ने 2 नवंबर 2023 को सुप्रीम कोर्ट में कहा कि अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के लिए आरक्षण में क्रीमी लेयर की अवधारणा लागू नहीं की जा सकती। सरकार का कहना है कि क्रीमी लेयर का सिद्धांत केवल अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के आरक्षण में लागू किया गया है और इसे SC-ST वर्गों तक बढ़ाना उचित नहीं होगा। यह दलील उस याचिका के विरोध में दी गई है, जिसमें आरक्षित वर्गों के भीतर आय के आधार पर उप-कोटा निर्धारित करने की मांग की गई है। केंद्र ने सुप्रीम कोर्ट को बताया कि देश की आरक्षण व्यवस्था केवल आर्थिक स्थिति पर आधारित नहीं है, बल्कि इसके पीछे ऐतिहासिक और सामाजिक कारण भी हैं।
केंद्र सरकार ने अपने जवाब में कहा कि आरक्षण की व्यवस्था का आधार केवल किसी व्यक्ति या परिवार की आर्थिक स्थिति नहीं है। SC और ST के मामले में आरक्षण ऐतिहासिक भेदभाव, सामाजिक पिछड़ेपन, जाति और जनजातीय पहचान जैसे व्यापक सामाजिक आधारों से जुड़ा है। सरकार के अनुसार, यदि आरक्षित वर्गों में आय के आधार पर किसी बदलाव या प्राथमिकता को लागू करना है, तो इसके लिए व्यापक समीक्षा जरूरी होगी। इसके साथ ही आरक्षित वर्गों के लाभार्थियों से जुड़े सामाजिक-आर्थिक आंकड़ों का विस्तृत अध्ययन और ठोस अनुभवजन्य डेटा भी जुटाना होगा। केंद्र ने कहा कि बिना इस तरह के व्यापक अध्ययन के आरक्षण नीति में बदलाव करना उचित नहीं होगा।
















